जमीन बेच नहीं रही सरकार, लीज पर दे रही है_कांग्रेस के आरोपों पर अजय भट्ट का जवाब

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हल्द्वानी। उत्तराखंड में सरकारी भूमि और संपत्तियों के आवंटन को लेकर जारी सियासी घमासान के बीच नैनीताल-ऊधमसिंह नगर सांसद एवं पूर्व केंद्रीय रक्षा और पर्यटन राज्य मंत्री अजय भट्ट ने कांग्रेस के ‘भूमि बचाओ अभियान’ पर पलटवार किया है। हल्द्वानी स्थित भाजपा कुमाऊं संभाग कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में भट्ट ने कांग्रेस के अभियान पर सवाल उठाते हुए कहा कि भूमि संरक्षण की बात करने से पहले कांग्रेस को अपने शासनकाल में हुए भूमि आवंटनों और उनसे जुड़े विवादों का जवाब देना चाहिए।

अजय भट्ट ने नानीसार भूमि प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में पंचायत की 7.061 हेक्टेयर भूमि महज 1,200 रुपये सालाना किराये पर 30 वर्ष की लीज पर दी गई थी। इस फैसले का विरोध करने वाले 381 लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज होने का मामला भी कांग्रेस की जवाबदेही तय करता है। उन्होंने धौलास भूमि विवाद, सामाजिक एवं शैक्षणिक संस्थाओं को भूमि आवंटन, टाटा मोटर्स-सिडकुल, नदी तटबंध की भूमि और एनएच-74 प्रकरण को लेकर भी कांग्रेस से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

‘सरकारी जमीन बेचने नहीं, उसका सदुपयोग करने की नीति’

भट्ट ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार की नीति सरकारी जमीन बेचने की नहीं, बल्कि उसका स्वामित्व सुरक्षित रखते हुए निर्धारित नियमों और शर्तों के तहत सदुपयोग करने की है। अनुपयोगी सरकारी भूमि को लीज पर देकर उद्योग, पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना रोजगार सृजन की दिशा में उठाया गया कदम है।

उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में करीब 13 हजार एकड़ सरकारी भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराने की कार्रवाई सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। वहीं, 7 हजार बीघा जमीन बेचने के कांग्रेस के आरोपों को भ्रामक बताते हुए उन्होंने कहा कि उपलब्ध सरकारी जानकारी के अनुसार इस मामले में अभी केवल तीन बोलियां प्राप्त हुई हैं और किसी भी बोली को अंतिम रूप नहीं दिया गया है। उनके मुताबिक, कांग्रेस लीज और बिक्री के अंतर को छिपाकर जनता के बीच भ्रम फैला रही है।

निवेश और रोजगार को बताया विकास के लिए जरूरी

सांसद ने कहा कि धामी सरकार ने सख्त भू-कानून के जरिए स्थानीय हितों और प्रदेश की जमीन की सुरक्षा के लिए कदम उठाए हैं। उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में पलायन रोकने, युवाओं को रोजगार देने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए निवेश तथा औद्योगिक गतिविधियां जरूरी हैं। पर्यटन प्रदेश होने के कारण आधारभूत सुविधाओं और पर्यटन ढांचे के विस्तार में भी निवेश की अहम भूमिका है।

भट्ट ने वर्ष 2025 में प्रदेश में 6.03 करोड़ यात्रियों के आगमन और करीब 1.93 लाख विदेशी पर्यटकों की मौजूदगी का हवाला देते हुए कहा कि पर्यटन और निवेश से स्थानीय युवाओं, होटल कारोबारियों, टैक्सी संचालकों, दुकानदारों, किसानों और छोटे व्यापारियों के लिए आर्थिक अवसर पैदा होते हैं।

कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप

अजय भट्ट ने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अन्य राज्यों में कांग्रेस की सरकारें बड़े निवेश का स्वागत करती हैं, लेकिन उत्तराखंड में विकास और निवेश से जुड़े प्रयासों का विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कांग्रेस से अपने शासनकाल का विकास और रोजगार संबंधी रिपोर्ट कार्ड जनता के सामने रखने को कहा।

उन्होंने कहा कि भाजपा का पक्ष स्पष्ट है—सरकारी भूमि का स्वामित्व सुरक्षित रहे, स्थानीय लोगों के अधिकारों का संरक्षण हो, पर्यावरणीय मानकों का पालन किया जाए और निवेश के जरिए रोजगार के अवसर बढ़ाए जाएं। भूमि संरक्षण और विकास को एक-दूसरे का विरोधी नहीं, बल्कि पूरक बताते हुए भट्ट ने कहा कि प्रदेश को राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय रोजगार, निवेश और विकास का स्पष्ट रोडमैप चाहिए।

पत्रकार वार्ता में भाजपा नैनीताल जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट, प्रदेश सह मीडिया प्रभारी भुवन जोशी और जिला सह मीडिया प्रभारी मनीष पाल मौजूद रहे।

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