HMT से प्राग फार्म तक जमीनों का मुद्दा गरमाया, कांग्रेस ने सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल!

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हल्द्वानी। उत्तराखंड की सरकारी जमीनों और ऐतिहासिक संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने के मुद्दे पर कांग्रेस ने प्रदेश सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस के आह्वान पर महानगर कांग्रेस ने HMT फैक्ट्री रानीबाग के गेट नंबर-2 पर धरना-प्रदर्शन कर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने ‘हमारी भूमि, हमारा अधिकार, कांग्रेस की यही है पुकार’ का नारा बुलंद किया।

विधायक सुमित हृदयेश ने आरोप लगाया कि कुमाऊं के प्रवेश द्वार हल्द्वानी से ही सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में सौंपने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। उन्होंने कहा कि HMT रानीबाग की 58 एकड़ जमीन में से पांच एकड़ नैनीताल रोपवे के लिए छोड़कर शेष 53 एकड़ भूमि को UIIDB के माध्यम से निजी हाथों में देने की प्रक्रिया चल रही है। जिस जमीन पर उद्योग स्थापित कर स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलना चाहिए, वहां होटल बनाने की तैयारी की जा रही है।

हृदयेश ने रानीबाग, ज्योलीकोट, रातीघाट और रामगढ़ के ऐतिहासिक निरीक्षण भवनों के साथ पटवाडांगर और नैनीताल के सीवर प्लांट से जुड़े फैसलों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि ये संपत्तियां कुमाऊं की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत हैं, इन्हें निजी व्यावसायिक हितों के हवाले नहीं किया जाना चाहिए।

महानगर कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह बिष्ट ने आरोप लगाया कि सरकार सरकारी जमीनों को निजी हाथों में सौंप रही है, जबकि प्रदेश में युवा रोजगार और भूमिहीन परिवार आवास के लिए संघर्ष कर रहे हैं। जिलाध्यक्ष राहुल छिमवाल ने भी सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि HMT रानीबाग से लेकर किच्छा के प्राग फार्म तक सरकारी संपत्तियों के इस्तेमाल में स्थानीय जनता, किसानों और बेरोजगारों के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने ऋषिकेश के IDPL की 633 एकड़, डाकपत्थर की करीब 190 एकड़, मसूरी के जॉर्ज एवरेस्ट की 142 एकड़ और किच्छा के प्राग फार्म की लगभग 1,938 एकड़ जमीन का मुद्दा भी उठाया।

कांग्रेस की प्रमुख मांगें_

HMT रानीबाग की जमीन पर होटल के बजाय रोजगार देने वाले उद्योग स्थापित किए जाएं।

कुमाऊं के ऐतिहासिक निरीक्षण भवनों को निजीकरण की प्रक्रिया से बाहर रखा जाए।

प्राग फार्म की जमीन पर किसानों, भूमिहीनों और स्थानीय जनता के हितों को प्राथमिकता दी जाए।

धरने की अध्यक्षता गोविंद सिंह बिष्ट ने की, जबकि संचालन HMT के पूर्व यूनियन नेता गिरीश पांडे ने किया। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि प्रदेश की जमीन, जल, जंगल और ऐतिहासिक धरोहरों की रक्षा के लिए पार्टी गांव से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगी।

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