उत्तराखंड में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। देर रात से प्रदेश के अधिकांश जिलों में लगातार हो रही झमाझम बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। खराब मौसम को देखते हुए कई जिलों में कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।
इन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने देहरादून, चमोली और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश, गरज-चमक और अत्यंत तीव्र वर्षा की चेतावनी जारी की है।
इन जिलों में येलो अलर्ट
टिहरी, उत्तरकाशी, पौड़ी गढ़वाल, पिथौरागढ़, चंपावत, नैनीताल और रुद्रप्रयाग जिलों में भारी बारिश, आकाशीय बिजली और तेज बारिश के दौर की संभावना जताई गई है।
इन जिलों में स्कूलों की छुट्टी
लगातार खराब मौसम और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, देहरादून, पौड़ी गढ़वाल और चमोली जिलों में आंगनबाड़ी केंद्रों के साथ कक्षा 1 से 12 तक के सभी सरकारी, गैर-सरकारी और निजी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है।
कई सड़कें बंद, सफर बना जोखिम भरा
लगातार बारिश के कारण कई इलाकों में भूस्खलन की घटनाएं सामने आ रही हैं।
चमोली के निजमुला मोटर मार्ग पर काली चट्टान से लगातार मलबा और पत्थर गिरने से आवाजाही बेहद जोखिम भरी बनी हुई है।
टिहरी के केम्पटी–नैनबाग (NH-707A) मार्ग पर मलबा और बोल्डर आने से यातायात प्रभावित हुआ। सूचना मिलते ही पुलिस और राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग की टीम ने जेसीबी की मदद से मार्ग खोलने का कार्य शुरू कर दिया।
अगले तीन दिन ऐसा रहेगा मौसम
7 अगस्त
देहरादून, टिहरी और बागेश्वर में भारी बारिश का येलो अलर्ट। पर्वतीय जिलों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज से अति तीव्र बारिश के दौर की संभावना। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में भी गरज-चमक के साथ बारिश के आसार।
8 अगस्त
देहरादून और बागेश्वर में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी। टिहरी, पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, नैनीताल, चंपावत, पिथौरागढ़ और ऊधम सिंह नगर में भी भारी बारिश की संभावना।
9 अगस्त
देहरादून, नैनीताल, पिथौरागढ़ और चंपावत में येलो अलर्ट। पर्वतीय क्षेत्रों में गरज-चमक, बिजली गिरने और तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहें तथा मौसम विभाग और जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।




