सहकारी बैंकों पर सरकार का फोकस_ हर ब्लॉक में लगेंगे दो वित्तीय मेले, एनपीए वसूली पर धन सिंह रावत सख्त

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हल्द्वानी। किसानों, ग्रामीणों और आम लोगों तक बैंकिंग सुविधाएं और सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से पहुंचाने को लेकर सहकारिता विभाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को हल्द्वानी में सहकारिता मंत्री डॉ. धन सिंह रावत की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सहकारी बैंकों और पैक्स की कार्यप्रगति की समीक्षा के साथ कई अहम निर्देश दिए गए।

बैठक में अन्न भंडारण योजना की लंबित औपचारिकताएं जल्द पूरी करने, सहकारी समितियों के डिजिटलीकरण और ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार करने पर जोर दिया गया। वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के हर विकासखंड में दो-दो विशेष वित्तीय समावेशन मेले आयोजित किए जाएंगे। इन मेलों के जरिए आम लोगों के नए बचत खाते खोलने और स्वयं सहायता समूहों को आसानी से ऋण उपलब्ध कराने पर फोकस रहेगा।

सहकारी बैंकों की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए मंत्री ने एनपीए की जल्द वसूली और नए स्वीकृत व वितरित ऋणों की नियमित निगरानी के सख्त निर्देश दिए। वहीं, प्रस्तावित नई बैंक शाखाओं को जल्द शुरू करने के साथ सभी शाखाओं में साइन बोर्ड, साफ-सफाई और आधुनिक सुविधाओं में सुधार करने को कहा गया।

बैठक में बताया गया कि अल्मोड़ा की 74 में से 63 पैक्स में डायनमिक डे-एंड का काम पूरा हो चुका है, जबकि बागेश्वर की 9 और चंपावत की सभी समितियों में यह कार्य शत-प्रतिशत पूरा कर लिया गया है।

सहकारिता मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि विभाग की योजनाओं का लाभ सिर्फ कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि किसान, काश्तकार, स्वयं सहायता समूह और समाज के अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी तरीके से पहुंचे। उन्होंने योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार और जनकल्याणकारी योजनाओं में सहकारिता विभाग की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

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