उत्तराखण्ड में नैनीताल की विश्व प्रसिद्ध मॉलरोड को नो हॉर्न ज़ोन(हॉर्न प्रतिबंधित) बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। आई.जी., जिलाधिकारी, एस.एस.पी.,आर.टी.ओ.व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई एक बैठक में आयुक्त ने ये फैसला लिया है।
नैनीताल में ट्रैफिक को कंट्रोल करना प्रशासन के लिए टेडी खीर बन गई है। यहां वाहनों के जाम के बाद गाड़ियों के तेज आवाज वाले हॉर्न, सिरदर्द बन गए हैं। हाल में ट्रैफिक संबंधी एक जनहित याचिका में उच्च न्यायालय ने भी आयुक्त के नेतृत्व में समिति बनाई थी जिसकी बैठक में होटल एसोसिएशन, टैक्सी यूनियन, व्यापार मंडल, बोट यूनियन आदि ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव दिए थे।उन सुझावों को न्यायालय के सम्मुख रखा गया था जिसपर न्यायालय ने उसे लागू करने को कहा था। इसी आधार पर नैनीताल में टी.बी.सीरीज की निर्धारित टैक्सी बाइकों के अलावा रेंटल वाहन बैन किये गए हैं। इसके अलावा रूट डाइवर्जन, वनवे आदि लागू किये जा रहे हैं।
बैठक के बाद आयुक्त कुमाऊं मंडल दीपक रावत ने कहा कि पर्यटक मॉलरोड में सुकून से घूमें इसलिये मॉलरोड को 'नो हॉन्किंग ज़ोन' मतलब हॉर्न प्रतिबंधित क्षेत्र बनाया गया है। कहा की, जिलाधिकारी और एस.एस.पी.के एक अगस्त से आदेशों से पहले लोगों तक ये संदेश पहुँच जाए। हॉर्न बजाने वालों का चालान कर उनसे पैनेल्टी वसूली जाएगी। उन्होंने सभी लोगों से आग्रह किया है कि वे हॉर्न न बजाकर शान्त और सुंदर पर्यटन बनाने में मदद करें । 



