हल्द्वानी के प्रमुख सरकारी अस्पतालों से बड़ी संख्या में विशेषज्ञ डॉक्टरों के तबादले को लेकर हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने गहरी चिंता जताई है। उन्होंने जिलाधिकारी नैनीताल के माध्यम से मुख्यमंत्री उत्तराखंड को ज्ञापन भेजकर तबादलों पर पुनर्विचार करने और स्वास्थ्य सेवाओं को प्रभावित होने से बचाने की मांग की है।
विधायक ने कहा कि हल्द्वानी पूरे कुमाऊँ मंडल का सबसे बड़ा स्वास्थ्य केंद्र है, जहां सिर्फ नैनीताल ही नहीं बल्कि अल्मोड़ा, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चम्पावत और ऊधम सिंह नगर समेत कई जिलों से हर दिन बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं।
इन अस्पतालों से हुए विशेषज्ञ डॉक्टरों के तबादले,,ज्ञापन के अनुसार हाल ही में..
डॉ. सुशीला तिवारी चिकित्सालय (एसटीएच) से 16 विशेषज्ञ डॉक्टरों
डॉ. सोबन सिंह जीना बेस चिकित्सालय से 8 विशेषज्ञ डॉक्टरों
महिला चिकित्सालय से 8 विशेषज्ञ डॉक्टरों
का स्थानांतरण किया गया है।
इनमें सर्जरी, मेडिसिन, स्त्री एवं प्रसूति रोग, शिशु रोग, एनेस्थीसिया, माइक्रोबायोलॉजी, कैजुअल्टी और इमरजेंसी जैसे महत्वपूर्ण विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल हैं।
‘मरीजों पर पड़ेगा सीधा असर’
सुमित हृदयेश ने कहा कि यदि इतने बड़े स्तर पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी हो गई तो इसका सीधा असर मरीजों के इलाज पर पड़ेगा। खासकर दूरदराज के पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले लोगों को समय पर उपचार, ऑपरेशन और अन्य जरूरी चिकित्सा सेवाएं मिलने में परेशानी हो सकती है। उन्होंने कहा कि इसका सबसे अधिक असर आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों पर पड़ेगा, जिन्हें निजी अस्पतालों का सहारा लेना पड़ सकता है।
सरकार से क्या मांग की गई?
ज्ञापन के माध्यम से विधायक ने सरकार से आग्रह किया है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इन तबादलों की दोबारा समीक्षा की जाए। यदि प्रशासनिक कारणों से स्थानांतरण जरूरी हों, तो संबंधित अस्पतालों में उसी विशेषज्ञता वाले डॉक्टरों की तत्काल नियुक्ति सुनिश्चित की जाए, ताकि कुमाऊँ मंडल की स्वास्थ्य सेवाएं बिना किसी बाधा के जारी रह सकें।
ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला कांग्रेस कमेटी नैनीताल के अध्यक्ष राहुल छीमवाल, महानगर कांग्रेस अध्यक्ष गोविन्द सिंह बिष्ट, महिला कांग्रेस अध्यक्ष मधू सांगुड़ी सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।




