हल्द्वानी_किसानों से जुड़ी योजनाओं की रफ्तार और मंडी बोर्ड के कामकाज को लेकर कृषि मंत्री गणेश जोशी ने अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। हल्द्वानी स्थित सर्किट हाउस में हुई बैठक में उन्होंने मंडी बोर्ड की विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया और अधिकारियों को स्वीकृत बजट का समय पर और शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बैठक में नई मंडी नौगांव (उत्तरकाशी) के क्रियान्वयन सहित मंडी बोर्ड की कई महत्वपूर्ण योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। मंत्री ने अधिकारियों से योजनाओं की मौजूदा स्थिति, बजट और काम की प्रगति की जानकारी लेते हुए तय समय में काम पूरा करने पर जोर दिया।
ई-नाम से लेकर कोल्ड स्टोरेज तक, योजनाओं की समीक्षा
कृषि मंत्री ने बैठक में ई-नाम प्रणाली, मंडियों की वित्तीय स्थिति, मुख्यमंत्री घोषणाओं, कृषि उत्पादन क्षति सहायता योजना, किसानों की दुर्घटना सहायता योजना और कृषकों के बच्चों की छात्रवृत्ति योजना की प्रगति की जानकारी ली।
इसके अलावा नाबार्ड पोषित योजनाओं तथा मंगलौर और विकासनगर में प्रस्तावित कोल्ड स्टोरेज के निर्माण की स्थिति की भी समीक्षा की गई।
मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि किसानों से जुड़ी योजनाओं में किसी भी स्तर पर देरी नहीं होनी चाहिए। सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ पात्र किसानों तक समय पर पहुंचे, यह अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
मंडी बोर्ड के सामने 175 करोड़ की कमाई का लक्ष्य
समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मंडी बोर्ड की आय के लिए 175 करोड़ रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
इस पर कृषि मंत्री ने अधिकारियों को लक्ष्य हासिल करने के लिए गंभीरता और जिम्मेदारी के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मंडी बोर्ड की वित्तीय स्थिति मजबूत होने से किसानों और कृषि क्षेत्र से जुड़े विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।
“बजट लैप्स नहीं होना चाहिए”
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि स्वीकृत बजट का निर्धारित समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बजट का समय पर इस्तेमाल हो और योजनाएं सिर्फ कागजों तक सीमित न रहें।
उन्होंने विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता बनाए रखने पर भी जोर दिया और कहा कि किसानों के हित से जुड़ी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक प्राथमिकता के आधार पर पहुंचाया जाए।
किसानों की आय बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता
गणेश जोशी ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की आय बढ़ाने, कृषि उत्पादों के बेहतर विपणन और किसानों को आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि मंडी व्यवस्था को मजबूत करने के साथ ई-नाम और कोल्ड स्टोरेज जैसी सुविधाओं का विस्तार किसानों के लिए काफी उपयोगी साबित होगा। इससे कृषि उत्पादों के बेहतर विपणन और भंडारण की सुविधाएं मजबूत होंगी।
बैठक में मंडी परिषद के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक हेमंत कुमार वर्मा, वित्त नियंत्रक जुबक मोहन सक्सेना, महाप्रबंधक तकनीकी विजय कुमार, विपणन अधिकारी प्रवीण शर्मा सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।





