उत्तराखंड में मौसम बिगड़ा,अगले 48 घंटे भारी..

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देहरादून। उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। पहाड़ से मैदान तक बारिश का दौर जारी है और मौसम विभाग ने 26 और 27 सितंबर को कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। रेड अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने सात जिलों में स्कूल बंद रखने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी लोगों से मौसम को गंभीरता से लेने और बेहद जरूरी न होने पर यात्रा से बचने की अपील की है।

मौसम विभाग ने बागेश्वर, नैनीताल, पिथौरागढ़, चंपावत और ऊधमसिंह नगर में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं देहरादून, पौड़ी, चमोली, रुद्रप्रयाग और अल्मोड़ा में ऑरेंज अलर्ट है, जबकि उत्तरकाशी, टिहरी और हरिद्वार के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है। कई इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।

मौसम विभाग ने 4000 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना भी जताई है। खराब मौसम के बीच रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, बागेश्वर, नैनीताल, अल्मोड़ा, चंपावत और ऊधमसिंह नगर में आज स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया गया है।

CM धामी बोले- जरूरी न हो तो यात्रा टालें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 26 और 27 सितंबर के लिए जारी रेड अलर्ट को गंभीरता से लेने की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही बेहद जरूरी होने पर यात्रा करें।

मुख्यमंत्री ने पर्यटकों और तीर्थयात्रियों से भी संवेदनशील एवं भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में जाने से बचने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

उन्होंने लोगों को नदी-नालों, गाड़-गदेरों, बरसाती धाराओं और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने को कहा है। तेज बहाव में उतरने या उसके आसपास जाने की कोशिश न करने की भी सलाह दी गई है।

24×7 अलर्ट मोड पर प्रशासन

मुख्यमंत्री ने सभी जिलाधिकारियों और संबंधित विभागों को 24×7 अलर्ट मोड पर रहने तथा संवेदनशील क्षेत्रों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए हैं। राहत एवं बचाव दल, जेसीबी और जरूरी मशीनरी को रणनीतिक स्थानों पर तैयार रखने के साथ ही विभागों के बीच लगातार समन्वय बनाए रखने को कहा गया है।

बिजली गिरने और तेज हवाओं से भी खतरा

मौसम विभाग ने 28 सितंबर तक बारिश के साथ आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की संभावना जताई है। गरज-चमक के दौरान लोगों को घर के भीतर रहने, खिड़की-दरवाजे बंद रखने और बिजली संचालित करने वाली वस्तुओं से दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई है।

लोगों को पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने और वाहनों को सुरक्षित स्थान पर खड़ा करने की भी सलाह दी गई है।

लगातार बारिश का सबसे ज्यादा असर संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में देखने को मिल सकता है। भूस्खलन, चट्टानें गिरने, सड़क और राजमार्ग बाधित होने के साथ नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ने का खतरा है। कुछ स्थानों पर बाढ़, फ्लैश फ्लड और नदी किनारे कटाव की स्थिति भी बन सकती है।

मौसम विभाग ने भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने को कहा है। चारधाम और अन्य पर्यटन स्थलों की ओर जाने वाले यात्रियों से भी मौसम की स्थिति को देखते हुए विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।

27 सितंबर को भी बिगड़ा रहेगा मौसम

27 सितंबर को देहरादून, टिहरी, हरिद्वार और पौड़ी में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी और कहीं-कहीं अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। नैनीताल, उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग में भी भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान कई जिलों में गरज-चमक के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।

28 सितंबर को उत्तरकाशी, हरिद्वार और देहरादून में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। गढ़वाल मंडल के कई जिलों में आकाशीय बिजली और बारिश के तीव्र से अति तीव्र दौर की संभावना बनी रहेगी।

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