SIR के बाद हल्द्वानी में 31,300 नाम हटे , नैनीताल जिले में आंकड़े बदले..
हल्द्वानी। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद 3 अक्टूबर को अंतिम मतदाता सूची जारी हो चुकी है। नई सूची के बाद नैनीताल जिले की सभी छह विधानसभा सीटों पर 2022 के विधानसभा चुनाव की तुलना में मतदाताओं की संख्या में कमी दर्ज हुई है। मतदाता संख्या में हुए इस बदलाव का असर 2027 विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक दलों की बूथवार रणनीति और मतदाता प्रबंधन पर पड़ सकता है।
विधानसभा क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो हल्द्वानी में सबसे ज्यादा 31,300 मतदाता कम हुए हैं। 2022 में कांग्रेस के सुमित हृदयेश ने 7,814 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। वहीं, नैनीताल विधानसभा में 17,612 मतदाता कम हुए हैं, जबकि 2022 में भाजपा की सरिता आर्य 7,881 वोटों के अंतर से विजयी हुई थीं।
लालकुआं में 12,967, रामनगर में 10,291, कालाढूंगी में 7,775 और भीमताल में 3,920 मतदाता कम हुए हैं। 2022 के चुनाव में इन सीटों पर जीत का अंतर क्रमशः 17,527, 4,745, 23,931 और 9,844 वोट रहा था।
हालांकि, मतदाता संख्या में कमी को सीधे तौर पर किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में वोटों के बदलाव के रूप में नहीं देखा जा सकता। SIR के दौरान मृत, स्थानांतरित, अनुपस्थित या अन्य कारणों से अपात्र पाए गए नाम हटाए जा सकते हैं। इसलिए इन आंकड़ों को मतदाता सूची के प्रशासनिक पुनरीक्षण के संदर्भ में देखना जरूरी है।
इसके बावजूद 2027 विधानसभा चुनाव से पहले ये बदलाव राजनीतिक दलों के लिए महत्वपूर्ण हैं। खासकर हल्द्वानी और नैनीताल जैसी सीटों पर मतदाता संख्या में बड़ी कमी के बाद पार्टियों को अपनी बूथवार सूची, संपर्क अभियान और मतदाता प्रबंधन की रणनीति नए सिरे से तैयार करनी पड़ सकती है।
अगर किसी पात्र नागरिक का नाम अंतिम मतदाता सूची में छूट गया है, तो वह Form-6 के जरिए नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकता है।







