रुद्रपुर। उत्तराखंड में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। रुद्रपुर स्थित पं. रामसुमेर शुक्ल स्मृति राजकीय मेडिकल कॉलेज में शैक्षणिक सत्र 2027-28 से 100 MBBS सीटों के साथ संचालन का मार्ग प्रशस्त हुआ है। लंबे समय से चल रहे प्रयासों के बाद मिली इस सफलता पर नैनीताल-ऊधम सिंह नगर संसदीय क्षेत्र के सांसद एवं पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री अजय भट्ट ने प्रसन्नता जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का आभार व्यक्त किया है।
सांसद अजय भट्ट ने कहा कि यह उपलब्धि केवल एक मेडिकल कॉलेज के शुरू होने तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के युवाओं के लिए चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर खोलने और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कॉलेज में 100 MBBS सीटें उपलब्ध होने से स्थानीय युवाओं को डॉक्टर बनने के अधिक अवसर मिलेंगे और भविष्य में प्रशिक्षित चिकित्सकों की उपलब्धता बढ़ने से स्वास्थ्य सेवाओं को भी लाभ मिलेगा।
उन्होंने बताया कि मेडिकल कॉलेज को इसी शैक्षणिक सत्र से शुरू कराने के लिए लगातार प्रयास किए गए। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से संपर्क, पत्राचार और व्यक्तिगत वार्ता के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी पत्र लिखकर कॉलेज जल्द शुरू कराने का अनुरोध किया गया था। हालांकि, कुछ तकनीकी कारणों से इसे मौजूदा सत्र में शुरू करना संभव नहीं हो पाया, लेकिन शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए आवश्यक निर्देश जारी होने से आगे की राह खुल गई है।
अजय भट्ट के अनुसार, इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार अब तक 300 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि उपलब्ध करा चुकी है। परियोजना 90:10 के वित्तीय अनुपात पर आधारित है, जिसमें शेष राज्यांश उत्तराखंड सरकार द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में सरकारी मेडिकल कॉलेजों के विस्तार से चिकित्सा शिक्षा के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को भी नई ताकत मिलेगी। पिथौरागढ़ के बाद रुद्रपुर में 100 MBBS सीटों के साथ मेडिकल कॉलेज का संचालन कुमाऊं क्षेत्र के लिए विशेष महत्व रखता है। इससे क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा का दायरा बढ़ने और भविष्य में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की उम्मीद है।
सांसद अजय भट्ट ने इस उपलब्धि पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज का संचालन उत्तराखंड के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। इससे युवाओं को अपने ही प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के अवसर मिलेंगे और आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी मदद मिलेगी।







