Nainitallive
नैनीताल। उत्तराखंड में एक बार फिर बारिश ने पहाड़ से मैदान तक मुश्किलें बढ़ा दी हैं। नैनीताल, अल्मोड़ा, देहरादून, चमोली, चंपावत, पिथौरागढ़, रुद्रप्रयाग और आसपास के जिलों में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन प्रभावित है। कहीं सड़कें मलबे से बंद हैं तो कहीं नदी-नाले उफान पर हैं। इस बीच जिला प्रशासन ने नैनीताल में मोर्चा संभालते हुए बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी हैं और बंद सड़कों को खोलने के लिए मशीनें तैनात की हैं।
नैनीताल जिले की आपदा रिपोर्ट के मुताबिक 3 लोगों की मौत, 54 आंशिक भवन क्षति, एक पूर्ण भवन क्षतिग्रस्त, दो पशुहानि और तीन गौशालाओं को नुकसान दर्ज किया गया है। वहीं जिले में 5 राज्य मार्ग और 20 ग्रामीण मार्ग बाधित बताए गए हैं। संबंधित विभागों की टीमें मार्ग खोलने में जुटी हैं।
लगातार बारिश का सबसे बड़ा असर नैनीताल शहर में भी दिखाई दे रहा है। नैनी झील का जलस्तर 88 फीट के पार पहुंच गया है। जलस्तर बढ़ने के बाद झील के चैनल खोल दिए गए हैं।
हल्द्वानी और आसपास के मैदानी क्षेत्रों में भी बारिश लगातार जारी है। गौला नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ प्रशासन ने नदी और बरसाती नालों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।
आपदा रिपोर्ट के मुताबिक 24 घंटे में चोरगलिया में 154 मिमी, कालाढूंगी में 102 मिमी, खनस्यूं में 62 मिमी, मुक्तेश्वर में 55.1 मिमी, हल्द्वानी-काठगोदाम में 50 मिमी और नैनीताल में 43 मिमी बारिश दर्ज की गई है।
हालांकि रिपोर्ट में दर्ज गौला, कोसी और नंधौर बैराज का डिस्चार्ज संबंधित चेतावनी और खतरे के स्तर से नीचे बताया गया है, लेकिन लगातार बारिश को देखते हुए प्रशासन निगरानी बनाए हुए है।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा कि जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है और हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। मैदानी क्षेत्रों में बाढ़ चौकियां सक्रिय कर दी गई हैं और वहां कर्मचारियों की तैनाती की गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में करीब दो दर्जन सड़कें मलबे के कारण बंद हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को जेसीबी और अन्य मशीनें मौके पर लगाने के निर्देश दिए हैं। बारिश कम होते ही सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर खोलने का काम तेज किया जाएगा।
डीएम ने नदी-नालों और तेज बहाव वाले बरसाती रास्तों के आसपास रहने वाले लोगों से घरों में सुरक्षित रहने की अपील की है। उन्होंने साफ कहा कि कॉजवे, गधेरे और तेज बहाव वाले नालों को पार करने का जोखिम बिल्कुल न उठाएं।
पर्यटकों और यात्रियों से भी मौसम को देखते हुए अनावश्यक जोखिम नहीं लेने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
नैनीताल की 25 सड़कें प्रभावित
जिले की आपदा रिपोर्ट के अनुसार फिलहाल 5 राज्य मार्ग और 20 ग्रामीण मार्ग बाधित हैं। इनमें गर्जिया-बेतालघाट-खैरना, रामनगर-भंडारपानी, धानाचूली-खनस्यूं, रानीबाग-खुटानी-पदमपुरी, हैड़ाखान-सिमलिया बेण्ड, मंगोली-थापला, फतेहपुर-भाखड़ा चौराहा, रातीघाट-बुधलाकोट, भुजियाघाट-सूर्यागांव, खनस्यूं-रिखाकोट और स्यूड़ा-ककोड़-हरीशताल सहित कई मार्ग शामिल हैं।
प्रशासन के मुताबिक संबंधित विभागों द्वारा इन मार्गों को खोलने की कार्रवाई जारी है।
अल्मोड़ा में 2 सितंबर को अवकाश घोषित
अल्मोड़ा के हवालबाग क्षेत्र के उड़यूड़ा गांव में भारी बारिश के बीच रात करीब डेढ़ बजे बड़ा हादसा हुआ। पहाड़ी से आया मलबा एक मकान में घुस गया। उस समय घर में सो रहे तीन लोगों की मलबे में दबने से मौत हो गई।
मृतकों की पहचान 40 वर्षीय प्रेम देवी, 19 वर्षीय कल्पना आर्य और 16 वर्षीय मनीष कुमार के रूप में हुई है। रास्ता बाधित होने के कारण शवों को मंगलवार सुबह बेस अस्पताल लाया गया।
SDRF और आपदा प्रबंधन की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया। आसपास के 4 से 5 मकानों पर भी खतरा बताया गया है।
भारी बारिश के चलते अल्मोड़ा में 2 सितंबर को सभी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है।
देहरादून में तेज बहाव में बही कार, दो की मौत
देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र में बरसाती रपटे के तेज बहाव में एक क्रेटा कार बह गई। हादसे में दो लोगों की मौत हुई, जबकि SDRF ने एक युवती को घायल अवस्था में सुरक्षित बाहर निकाला।
SDRF ने रातभर सर्च ऑपरेशन चलाकर शवों को बरामद किया और पुलिस के सुपुर्द किया।
इसके अलावा चमोली के थराली-देवाल मोटर मार्ग पर पहाड़ी दरकने से मलबा आने के कारण यातायात प्रभावित हुआ। मसूरी-देहरादून मार्ग पर पानीवाला बैंड के पास भी भू-धसाव के कारण सड़क बाधित हुई, जिसे खोलने के लिए PWD की टीम मौके पर पहुंची।
चंपावत और पिथौरागढ़ में भी स्कूल बंद
भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए चंपावत में टनकपुर-बनबसा को छोड़कर सभी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश घोषित किया गया है।
वहीं पिथौरागढ़ में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश को देखते हुए जिलाधिकारी ने जिले के सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया है।
अगले तीन दिन भी बारिश से राहत नहीं
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 2 से 4 सितंबर तक प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना बनी हुई है।
2 सितंबर – देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली, ऊधम सिंह नगर, चंपावत और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना।
3 सितंबर – देहरादून, टिहरी, उत्तरकाशी, नैनीताल, चंपावत और बागेश्वर में भारी बारिश की संभावना।
4 सितंबर – देहरादून, हरिद्वार और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना।
इस दौरान प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ तेज से अति तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है।
लगातार बारिश के बीच प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी, नाले, गधेरे और बरसाती रपटों के पास न जाएं। पहाड़ी मार्गों पर अनावश्यक यात्रा से बचें और सड़क पर मलबा या बोल्डर आने की स्थिति में आगे बढ़ने का जोखिम न लें।
UttarakhandRain
NainitalNews
HeavyRainAlert
UttarakhandWeather
BreakingNews





