बारिश भी न रोक सकी आस्था का सैलाब, कैंची धाम में उमड़े 1.19 लाख श्रद्धालु

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विश्व प्रसिद्ध श्री कैंची धाम स्थापना दिवस मेला-2026 आस्था, श्रद्धा और सेवा का ऐतिहासिक संगम बन गया। बाबा नीम करौली महाराज के दरबार में देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं का ऐसा जनसैलाब उमड़ा कि पूरे दिन में 1 लाख 19 हजार 228 श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। लगातार हो रही बारिश भी श्रद्धालुओं की अटूट आस्था को डिगा नहीं सकी।

बरसते बादलों के बीच गूंजता रहा “जय गुरुदेव”

सुबह 5 बजे मंदिर के कपाट खुलने के साथ ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गईं। सायं आरती तक 96 हजार 110 से अधिक श्रद्धालुओं ने बाबा के दर्शन किए। बारिश के बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ और देर शाम तक दर्शन का सिलसिला लगातार जारी रहा।

आस्था के आगे मौसम भी पड़ा फीका

श्रद्धालुओं के चेहरों पर बाबा के दर्शन की लालसा साफ झलक रही थी। कोई सैकड़ों किलोमीटर का सफर तय कर पहुंचा था तो कोई विदेशों से बाबा के दरबार में मत्था टेकने आया था। बारिश में भीगते हुए भी भक्त “जय नीम करौली बाबा” के जयकारों के साथ दर्शन के लिए कतारों में डटे रहे।

कर्तव्य और सेवा का अनुकरणीय उदाहरण बनी पुलिस

एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी. के नेतृत्व में पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात और दर्शन व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए। भारी भीड़ के बावजूद श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए शटल सेवा, बैरिकेडिंग और चरणबद्ध दर्शन व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित किया गया।

ड्रोन और सीसीटीवी से रही हर गतिविधि पर नजर

एसपी संचार रेवाधर मठपाल के निर्देशन में कंट्रोल रूम, सीसीटीवी कैमरों और ड्रोन के माध्यम से पूरे मेला क्षेत्र की लगातार निगरानी की गई। सुरक्षा व्यवस्था इतनी सुदृढ़ रही कि लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बावजूद आयोजन शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित बना रहा।

सेवा भाव ने जीता श्रद्धालुओं का दिल

भारी बारिश के बीच भी पुलिसकर्मी, प्रशासनिक अधिकारी और सेवादार पूरी निष्ठा के साथ श्रद्धालुओं की सेवा में जुटे रहे। वृद्धों, दिव्यांगों, महिलाओं और असहाय श्रद्धालुओं को विशेष सहायता उपलब्ध कराई गई। कई स्थानों पर पुलिसकर्मी स्वयं भीगते हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित मार्ग दिखाते नजर आए।

श्रद्धालुओं ने व्यवस्थाओं की खुलकर की सराहना

दर्शन कर लौटे श्रद्धालुओं ने कहा कि इतनी विशाल भीड़ के बावजूद दर्शन व्यवस्था अत्यंत सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित रही। प्रशासन, पुलिस और सेवादारों के सहयोग से उन्हें बिना किसी कठिनाई के बाबा के दर्शन प्राप्त हुए।

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