नैनीताल। जिले में शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। विकास कार्यों के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा और जिले में कानून का राज कायम रखने के लिए अराजक तत्वों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देशन में गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत मामलों की प्रभावी पैरवी और निस्तारण किया जा रहा है।
1 जनवरी 2026 से 15 सितंबर 2026 तक के आंकड़ों के अनुसार, जिला मजिस्ट्रेट नैनीताल के न्यायालय में गुंडा नियंत्रण अधिनियम से संबंधित 162 वाद दर्ज रहे। इनमें से 98 मामलों का निस्तारण किया गया, जबकि कार्रवाई के तहत 90 अराजक तत्वों को जिला बदर किया गया है।
इसी क्रम में अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) नैनीताल के न्यायालय में 130 वाद दर्ज हुए, जिनमें से 44 मामलों का निस्तारण किया गया और 86 वाद लंबित रहे।
वहीं, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) नैनीताल के न्यायालय में 107 वाद दर्ज हुए। इनमें से 23 मामलों का निस्तारण किया गया, जबकि 84 वाद अवशेष हैं।
इस तरह जिले के तीनों न्यायालयों में गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत दर्ज कुल 399 मामलों में से 165 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने स्पष्ट किया कि जिले में कानून व्यवस्था के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए अराजक और असामाजिक तत्वों के खिलाफ समय-समय पर प्रभावी कार्रवाई जरूरी है। कानून तोड़ने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।





