हल्द्वानी। ज्योलिकोट प्रभावित क्षेत्र के मरीजों के इलाज और स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर प्रशासन की संवेदनशीलता एक बार फिर सामने आई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. रश्मि पंत ने गुरुवार को हल्द्वानी के उजाला सिग्नस अस्पताल और सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय पहुंचकर प्रभावित मरीजों एवं उनके परिजनों से मुलाकात की और उपचार की स्थिति जानी।
उजाला सिग्नस अस्पताल में CMO ने मरीजों से बातचीत कर उनकी परेशानी समझी और हर संभव स्वास्थ्य सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। उन्होंने पिछले एक माह से भर्ती अल्सरेटिव कोलाइटिस से पीड़ित मंजू पांडे के उपचार की भी जानकारी ली। CMO के निर्देश पर अस्पताल प्रबंधन ने उनका इलाज आयुष्मान योजना के अंतर्गत करने पर सहमति दी।
डॉ. पंत ने अस्पताल प्रबंधन को आयुष्मान योजना के तहत उपलब्ध उपचार एवं सुविधाओं की जानकारी अस्पताल परिसर में प्रमुखता से प्रदर्शित करने के निर्देश दिए, ताकि पात्र मरीजों और उनके परिजनों को योजना का लाभ लेने में परेशानी न हो।
इसके बाद CMO ने सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय पहुंचकर ज्योलिकोट क्षेत्र से भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से मुलाकात की। चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अरुण जोशी ने बताया कि ज्योलिकोट से आने वाले मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर उपचार देने के निर्देश सभी विभागों को दिए गए हैं। अस्पताल में पर्याप्त बेड उपलब्ध हैं और मरीजों के उपचार की लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है।
CMO ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि उनके इलाज और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों में किसी तरह की कमी नहीं आने दी जाएगी। स्वास्थ्य विभाग मरीजों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और जरूरत के अनुसार हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।
इस दौरान डॉ. रजत भट्ट, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित चिकित्सालय के अधिकारी मौजूद रहे।





