शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा की बड़ी समीक्षा बैठक, विकास कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश
हल्द्वानी। प्रदेश के शहरी विकास मंत्री राम सिंह कैड़ा ने शनिवार को काठगोदाम स्थित सर्किट हाउस में उत्तराखंड शहरी क्षेत्र विकास प्राधिकरण (यूयूएसडीए) के अधिकारियों के साथ कुमाऊं मंडल में चल रही विकास परियोजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी नगर निगम, नगर पालिका और नगर पंचायत क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्य तय समय सीमा के भीतर और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।
मंत्री ने वर्षाकाल को देखते हुए विशेष रूप से सड़कों के निर्माण और मरम्मत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान आम जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सड़क निर्माण और रखरखाव को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
समीक्षा के दौरान हल्द्वानी, नैनीताल, टनकपुर, किच्छा सहित कुमाऊं के विभिन्न शहरों में चल रही सीवर लाइन, पेयजल, सड़क निर्माण और स्ट्रीट लाइट जैसी आधारभूत सुविधाओं से जुड़ी परियोजनाओं की प्रगति का आकलन किया गया। मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इन कार्यों से संबंधित शिकायतों का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जाए और जनता को बेहतर शहरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
बैठक में बताया गया कि उत्तराखंड शहरी क्षेत्र विकास प्राधिकरण के माध्यम से एशियन डेवलपमेंट बैंक (ADB), केएफडब्ल्यू (KfW) और यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक (EIB) के सहयोग से कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम किया जा रहा है। ईआईबी की सहायता से पिथौरागढ़, सितारगंज, रुद्रपुर और काशीपुर में निर्माणाधीन परियोजनाओं का लाभ लगभग 6 से 7 लाख लोगों को मिलेगा। वहीं केएफडब्ल्यू के सहयोग से ऋषिकेश में पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने और 24 ई-बसों की व्यवस्था की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है।
शहरी विकास मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पूर्ण हो चुकी विकास परियोजनाओं का शीघ्र लोकार्पण कराया जाए, ताकि उनका लाभ जल्द से जल्द आम जनता तक पहुंच सके। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं की नियमित निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण पर भी विशेष जोर दिया।
बैठक के दौरान मंत्री ने विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए ‘पेड़ बचाओ अभियान’को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों में बनाए रखने के लिए गुणवत्तापूर्ण विकास और पर्यावरण संरक्षण दोनों समान रूप से आवश्यक हैं।
बैठक में परियोजना निदेशक विनय मिश्रा सहित उत्तराखंड शहरी क्षेत्र विकास प्राधिकरण एवं संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।




