नैनीताल | लालकुआं
नैनीताल के लालकुआं कोतवाली क्षेत्र में विवाहिता की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी बताए जा रहे पति के हेल्पर आशिक अली को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के पास से वह मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर आपत्तिजनक फोटो और वीडियो के जरिए महिला को ब्लैकमेल करने में किया गया।
पुलिस के मुताबिक, 6 अगस्त 2026 को ग्राम गंगापुर कबडाल, मोटाहल्दू निवासी एक विवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद मृतका के पिता राजेन्द्र प्रसाद, निवासी मुक्तेश्वर, ने लालकुआं थाने में तहरीर देकर मामले की जांच की मांग की।
आपत्तिजनक फोटो-वीडियो के जरिए ब्लैकमेलिंग का आरोप
तहरीर में आरोप लगाया गया कि मृतका का उसके पति के हेल्पर आशिक अली से मोबाइल के माध्यम से संपर्क था और उसका घर पर भी आना-जाना था। आरोप है कि इसी संपर्क का फायदा उठाकर आशिक अली ने महिला को अपने जाल में फंसाया और बाद में कथित तौर पर आपत्तिजनक फोटो और वीडियो के जरिए उसे ब्लैकमेल किया।
परिजनों का आरोप है कि इस कथित ब्लैकमेलिंग और मानसिक प्रताड़ना के चलते महिला बेहद परेशान थी और आखिरकार उसने आत्मघाती कदम उठा लिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए लालकुआं थाने में धारा 108/351(2) BNS के तहत मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की जांच चौकी प्रभारी अर्जुन गिरी द्वारा की जा रही है।
तहरीर में साहिब अली और देवेश गंगवार पर भी मृतका के पति विजय पलड़िया को कानूनी कार्रवाई करने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है।
पुलिस का कहना है कि दोनों की भूमिका, धमकी से जुड़े तथ्यों और मामले में उनकी संभावित संलिप्तता की जांच की जा रही है। दोनों आरोपी फिलहाल फरार बताए जा रहे हैं और उनकी गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारी
पुलिस के अनुसार, उपलब्ध साक्ष्यों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आशिक अली को 26 सितंबर को गिरफ्तार किया गया। उसे न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
गिरफ्तार आरोपी आशिक अली पुत्र मशरूफ अली, निवासी बेरहम नगर, थाना शेरगढ़, जिला बरेली, उत्तर प्रदे, हाल पता गुमटी, हल्दूचौड़ है। वहीं फरार आरोपियों में साहिब अली पुत्र भूरे शाह, निवासी बेरमनगर, थाना शेरगढ़, जिला बरेली, उत्तर प्रदेश दूसरा देवेश गंगवार, निवासी लालकुआं, जनपद नैनीताल की तलाश जारी है।
पुलिस के इस खुलासे के बाद अब जांच का फोकस कथित ब्लैकमेलिंग के पूरे घटनाक्रम, डिजिटल साक्ष्यों और फरार आरोपियों की भूमिका पर है। पुलिस दोनों फरार आरोपियों की तलाश में जुटी है।





