देहरादून | उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ चुका है। मौसम विज्ञान केंद्र ने मंगलवार को प्रदेश के सभी जिलों में बारिश की संभावना जताते हुए देहरादून, पौड़ी, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल और बागेश्वर के लिए भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है।
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और तेज बौछारें पड़ सकती हैं। संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों में कम समय में तेज से अति तीव्र वर्षा, आकाशीय बिजली और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। विशेष रूप से हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में बिजली गिरने का भी खतरा बना हुआ है।
बारिश का कहर, पुल बहा और हाईवे बाधित
सोमवार को हुई मूसलाधार बारिश ने कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित किया। पिथौरागढ़ के धारचूला में नेगल गाड़ पर बना अस्थायी पुल तेज बहाव में बह गया, जिससे तीजम और उमचिया गांवों का संपर्क टूट गया।
वहीं गंगोत्री हाईवे पर डबरानी और नेताला के पास मलबा और कीचड़ आने से यातायात कुछ समय के लिए बाधित रहा। यमुनोत्री हाईवे पर स्यानाचट्टी के समीप भूस्खलन के कारण लगभग पांच घंटे तक आवाजाही ठप रही। बाद में मशीनों की मदद से मलबा हटाकर मार्ग को फिर से खोला गया।
देहरादून में रुक-रुककर बारिश का दौर
राजधानी देहरादून में सुबह से बादल छाए हुए हैं और रुक-रुककर बारिश हो रही है। मौसम विभाग ने दिनभर हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और बौछारों का अनुमान जताया है। शहर का अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है।
अगले तीन दिन कैसा रहेगा मौसम?
8 जुलाई: अधिकांश क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश और बौछारों का दौर जारी रहेगा।
9 जुलाई: मानसून और अधिक सक्रिय रहेगा। कई स्थानों पर तेज बारिश, आकाशीय बिजली और पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बना रहेगा।
10 जुलाई: कुमाऊं मंडल के अधिकांश तथा गढ़वाल मंडल के अनेक क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और बौछारें पड़ने की संभावना है।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान नदियों, बरसाती नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें। पहाड़ी मार्गों पर यात्रा करने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी अवश्य लें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
बारिश राहत भी है, लेकिन लापरवाही भारी पड़ सकती है। सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।




