हल्द्वानी, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका के विरोध में शनिवार को हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में विभिन्न संगठनों ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया। आइसा और परिवर्तनकामी छात्र संगठन (पछास) की पहल पर आयोजित सभा में मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला दहन कर केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नाराजगी जताई गई।
प्रदर्शन में शामिल वक्ताओं ने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया के तहत बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने इस प्रक्रिया को असंवैधानिक बताते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका पर सवाल उठाए और केंद्र सरकार पर उन्हें बचाने का आरोप लगाया। वक्ताओं ने कहा कि मताधिकार और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए छात्र-युवा और न्यायप्रिय नागरिक अपनी आवाज बुलंद करते रहेंगे।
जंतर-मंतर प्रदर्शन में बाधा डालने का आरोप
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे लोगों को कई स्थानों पर रोका गया और कुछ लोगों को नजरबंद किया गया। उन्होंने ट्रेनों और बसों से यात्रियों को उतारे जाने तथा दिल्ली में मेट्रो सेवाओं पर रोक लगाए जाने का भी दावा किया। वक्ताओं के मुताबिक, इन घटनाओं से सरकार की लोकतांत्रिक विरोध के प्रति असहिष्णुता उजागर होती है।
सभा में मांग उठाई गई कि SIR की प्रक्रिया के बाद जिन राज्यों में चुनाव हुए हैं, वहां चुनावों की निष्पक्षता की समीक्षा की जाए। वक्ताओं ने संबंधित चुनावों को रद्द कर दोबारा निष्पक्ष चुनाव कराने की मांग भी रखी। उन्होंने केंद्र सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं का राजनीतिक इस्तेमाल करने का आरोप लगाते हुए लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए व्यापक जनभागीदारी की अपील की।
छात्र-युवा आंदोलन को तेज करने का आह्वान
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि तमाम कथित बाधाओं के बावजूद जंतर-मंतर पहुंचकर विरोध दर्ज कराने वाले छात्र-युवाओं का कदम आंदोलन की मजबूती को दर्शाता है। वक्ताओं ने मताधिकार, संविधान और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर संघर्ष जारी रखने का संकल्प जताया।
सभा का संचालन पछास के चंदन ने किया। इस दौरान आइसा के आकाश भारती, संदीप टम्टा और रिया आर्य, पछास के अनुराग और मनवीर, प्रमएके की रजनी, भाकपा (माले) के जिला सचिव डॉ. कैलाश पांडे, के.के. बोरा, भीम आर्मी के नफीस अहमद और क्रालोस के मुकेश भंडारी ने विचार रखे।
पुतला दहन और सभा में महेश, अनुराग, आकाश, रिया, मीनाक्षी, चंदन, मनवीर, रजनी, नितिन, रोशनी, अमित, आदर्श, संदीप, नीरज, दीपक, नफीस अहमद, जीत राम, डॉ. कैलाश पांडे, मुकेश भंडारी, मोहन सहित विभिन्न संगठनों के कार्यकर्ता शामिल रहे।







