उत्तराखण्ड में सोमवार शाम से लगातार हुई भारी बरसात ने नैनीताल, भीमताल व आसपास के नदी नालों और नहरों का जलस्तर बड़ा दिया है। इससे नैनीझील में टनों के हिसाब से मलुवा(सिल्ट)और कूड़ा समा गया है। साथ ही भीमताल में पहाड़ी से ट्रकों के हिसाब से मलुवा बहते हुए सड़क और घरों के आसपास पहुंच गया है।
नैनीताल में ब्रिटिशकाल से 62 नाले और 10 उप नाले बने हैं। इनमें से अधिकतर के आसपास आबादी बस गई है। यहीं से नालों के माध्यम से झील में मलुवा और कूड़ा पहुंचता है। झील में पहुंचे मलुवे और पानी का रंग क्लियर होने के बाद 25 फीट गहरा नाला सिल्ट से पटा दिखा। नाविक इसपर चलते नजर आए।
पर्यटकों की गाड़ी पर गिरा बोल्डर
वहीं नैनीताल आ रहे पर्यटकों के वाहन बरसात के मलुवे में फंसे। अलग अलग स्थानों पर हुए हादसों में पर्यटकों के वाहन पर बोल्डर और मलुवा गिरा। गनीमत रही कि सभी पर्यटक सुरक्षित रहे।
नैनीताल दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग में पहली घटना भेड़िया पखान पर पत्थर गिरने से हुई, जहां एक डंपर को मामूली नुकसान हआ। दूसरी में एक नंबर बैंड के समीप नर्सरी गेट पर हरियाणा से कैंचीधाम जा रहे श्रद्धालुओं की कार पर मलवा और पत्थर गिरने से बलीनो कार क्षतिग्रस्त हो गई।गनीमत रही कि सभी चारों यात्री सुरक्षित बच गए। इसके अलावा तीसरी घटना में नैनीताल के रूसी बाईपास में जा रही गाड़ियों में एक बोलेरो टी.यू.वी.गाड़ी मलुवे में दब गई। इसमें बैठे यात्रियों ने कूदकर अपनी जान बचाई। इसके बाद प्रशासन ने जे.सी.बी.मशीन लगाकर गाड़ी के आगे पीछे से मलुवा निकाला। इस दौरान सड़क में लंबा जाम लग गया।





