रामलीला मैदान के ‘शुद्धिकरण’ पर गरमाया मामला, राष्ट्रपति को भेजा ज्ञापन

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हल्द्वानी। रामलीला मैदान में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के बाद कथित शुद्धिकरण किए जाने को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। संवैधानिक अधिकार संघर्ष समिति और विभिन्न संगठनों ने इस मामले के विरोध में नगर मजिस्ट्रेट/उप जिलाधिकारी हल्द्वानी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजकर कार्रवाई की मांग की।

समिति के पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि 8 अगस्त 2026 को रामलीला मैदान में मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा हुई थी। इसके दो दिन बाद 10 अगस्त को कुछ लोगों ने मैदान में गंगाजल का छिड़काव, धुलाई और हवन किया। समिति ने इसे दलित समाज और संविधान की मूल भावना का अपमान बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई।

ज्ञापन में मामले की सेवानिवृत्त हाईकोर्ट न्यायाधीश की अध्यक्षता में न्यायिक जांच, वीडियो फुटेज और CCTV के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की मांग की गई।

समिति ने कार्यक्रम को संविधान में समानता और सामाजिक सम्मान के अधिकार से जोड़ते हुए संबंधित संवैधानिक प्रावधानों और SC/ST Act के तहत कार्रवाई की मांग उठाई।

ज्ञापन देने वालों में दीपक चनियाल, मुकेश बौद्ध, आरपी गंगोला, जीआर आर्य, राधा आर्य, शेखावत हुसैन, आफताब आलम, महेश चंद्र आर्य, जीआर टम्टा, पीआर टम्टा, नफीस अहमद खान, गोपाल गैसिकोटी, पंकज अंबेडकर, मोहन गैसिकोटी, जीतराम, गंगा प्रसाद और गजेंद्र पाल समेत कई लोग मौजूद रहे।

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