पहाड़ से मैदान तक असर, नैनीताल में 17 सड़कें बंद_ वेदर अपडेट

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नैनीताल। उत्तराखंड में करीब 48 घंटे से जारी बारिश ने पहाड़ से मैदान तक जनजीवन की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। लगातार वर्षा के चलते पर्वतीय क्षेत्रों में जगह-जगह भूस्खलन और मलबा आने से सड़कें बाधित हुई हैं। वहीं ऊंची चोटियों पर हिमपात से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।

हालांकि सोमवार सुबह नैनीताल में बारिश थमने से लोगों ने राहत की सांस ली। नैनी झील से पानी की निकासी जारी है, लेकिन जिले में अभी भी 17 सड़कें बंद हैं। इनमें एक राज्य मार्ग और 16 ग्रामीण मार्ग शामिल हैं। सड़कें बंद होने से पहाड़ी क्षेत्रों में स्थानीय लोगों की आवाजाही और रोजमर्रा के कामकाज पर असर पड़ा है।

24 घंटे में कई इलाकों में हुई बारिश

जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की सुबह 8 बजे तक की रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटे में लालकुआं में 36 मिमी, कालाढूंगी में 40 मिमी, बेतालघाट में 18 मिमी और खनस्यू में 20 मिमी बारिश दर्ज की गई। कई क्षेत्रों में अब भी बादल छाए हुए हैं।

बारिश और मलबे से गर्जिया-घुघुतियाधार-बेतालघाट, पटौड़ी-जोशीखोला-हल्दीयानी, बेतालघाट-घोड़ियाहल्लू, रातीघाट-बुधलाकोट, लोहाली-थुवाब्लॉक, पतलोट-पश्यगांव और खनस्यू-रिखाकोट समेत कई मार्ग प्रभावित हैं।

कुमाऊं में 37 सड़कें बाधित

लगातार बारिश का असर पूरे कुमाऊं मंडल में दिखाई दे रहा है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार मंडल में 37 सड़कें बंद हैं। नैनीताल में 17, पिथौरागढ़ में 15, बागेश्वर में चार, अल्मोड़ा में दो और चंपावत में एक सड़क बाधित बताई गई है।

वहीं टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर मुन्ना बैंड के पास करीब 43 घंटे बाद यातायात बहाल होने से दो दिन से फंसे यात्रियों और वाहन चालकों ने राहत की सांस ली।

रास्ते खोलने में जुटी टीमें

नैनीताल जिले में संबंधित निर्माण खंडों और विभागीय टीमें बाधित मार्गों को खोलने में जुटी हैं। प्रशासन का प्रयास है कि जल्द से जल्द संपर्क मार्ग बहाल किए जाएं।

राहत की बात यह है कि जिले में विद्युत और पेयजल व्यवस्था फिलहाल सामान्य है तथा नालों की स्थिति भी सामान्य बताई गई है।

मौसम पर अभी भी नजर

मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को पर्वतीय जिलों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा और गरज के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में भी कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है। उत्तरकाशी और देहरादून में भारी वर्षा का यलो अलर्ट जारी किया गया है।

गढ़वाल मंडल के कुछ हिस्सों में गर्जन, आकाशीय बिजली और तेज से अति तेज बारिश का दौर आने की संभावना जताई गई है। हालांकि, मंगलवार से प्रदेश में मौसम में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।

लगातार बारिश के बीच पहाड़ों में बंद सड़कें सिर्फ यातायात की परेशानी नहीं हैं ये स्थानीय लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी, रोजगार, स्कूल-कॉलेज और जरूरी सेवाओं तक पहुंच को भी प्रभावित करती हैं। ऐसे में प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती जल्द से जल्द सड़क संपर्क बहाल करने की है।

अपील: पहाड़ी क्षेत्रों में सफर करने वाले लोग मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी लेकर ही यात्रा करें तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सावधानी बरतें।

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