नैनीताल पुलिस ने ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ पूरे जिले में बड़ा अभियान छेड़ दिया है। सार्वजनिक और धार्मिक स्थलों पर तय सीमा से अधिक तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाने वालों पर पुलिस सख्त कार्रवाई कर रही है। अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन करने पर 10 लाउडस्पीकर और एक एम्पलीफायर को मौके पर ही सीज कर दिया गया, जबकि दो स्थानों पर चालानी कार्रवाई भी की गई।
धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक क्षेत्रों में सघन जांच
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) नैनीताल डॉ. मंजूनाथ टीसी के निर्देश पर यह अभियान माननीय सर्वोच्च न्यायालय, उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय और पुलिस मुख्यालय देहरादून द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में चलाया जा रहा है।
पुलिस टीमों ने मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च सहित सार्वजनिक, आवासीय, वाणिज्यिक, औद्योगिक क्षेत्रों और साइलेंट जोन में लाउडस्पीकरों की आवाज की गहन जांच की।
चेकिंग में सामने आए आंकड़े
मंदिरों की जांच: 115
मस्जिदों की जांच: 45
गुरुद्वारों की जांच: 8
चर्च की जांच: 6
लाउडस्पीकर सीज: 10
एम्पलीफायर सीज: 1
हटाए गए लाउडस्पीकर:12
चालान: 2
संयोजन शुल्क: ₹750
कोर्ट के आदेशों का पालन कराने सख्ती
SSP डॉ. मंजूनाथ टीसी ने बताया कि सभी थाना प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय हैं और ध्वनि प्रदूषण नियमों का पालन सुनिश्चित कर रहे हैं। पुलिस केवल कार्रवाई ही नहीं कर रही, बल्कि लोगों और संस्थाओं को नियमों के प्रति जागरूक भी कर रही है।
बिना अनुमति लाउडस्पीकर बजाने वालों को चेतावनी
पुलिस ने साफ कहा है कि बिना अनुमति या तय डेसिबल सीमा से अधिक तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों में उत्तराखण्ड पुलिस अधिनियम, ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियमों और अन्य कानूनी प्रावधानों के तहत कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।




