हल्द्वानी । उत्तराखण्ड के अधिवक्ताओं एवं उनके परिवारों के कल्याण के लिए विभिन्न सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर बार काउंसिल ऑफ उत्तराखण्ड के सदस्य एवं अधिवक्ता राजन सिंह मेहरा ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में अधिवक्ताओं के लिए स्वास्थ्य, आर्थिक सहायता, पेंशन और सुरक्षा से संबंधित पांच प्रमुख मांगें उठाई गई हैं।
ज्ञापन में प्रत्येक अधिवक्ता को न्यूनतम 10 लाख रुपये का कैशलेस मेडिक्लेम अथवा स्वास्थ्य बीमा कवर देने की मांग की गई है। इसके साथ ही अधिवक्ता की आकस्मिक मृत्यु की स्थिति में उसके आश्रित परिवार को कम से कम 25 लाख रुपये की मृत्यु सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है।
वरिष्ठ अधिवक्ताओं के लिए 65 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर पेंशन सुविधा लागू करने की मांग भी की गई है। इसके लिए अन्य राज्यों, विशेषकर छत्तीसगढ़ में लागू अधिवक्ता कल्याण योजनाओं का अध्ययन कर उत्तराखण्ड में उपयुक्त व्यवस्था लागू करने का सुझाव दिया गया है।
ज्ञापन में नए नामांकित अधिवक्ताओं को प्रारंभिक आर्थिक सहायता देने तथा अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए Advocate Protection Act अथवा प्रभावी अधिवक्ता सुरक्षा कानून लागू करने की मांग भी शामिल है।
मेहरा ने कहा कि अधिवक्ता न्याय व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। सामाजिक, आर्थिक, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा संबंधी संरक्षण मिलने से वे अपने दायित्वों का अधिक प्रभावी ढंग से निर्वहन कर सकेंगे।
वहीं मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अधिवक्ताओ की उक्त मांगों पर विचार कर जल्द प्रभावी एवं उचित निर्णय लिए जाने का सकारात्मक आश्वासन दिया है।





