लालकुआं। खेत-खलिहान और पशुपालन से जुड़ी मेहनत जब सम्मान और प्रोत्साहन में बदलती है, तो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ताकत मिलती है। गौलापार क्षेत्र में दुग्ध उत्पादकों के लिए ऐसा ही अवसर सामने आया, जब नैनीताल दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड की ओर से क्षेत्र की छह दुग्ध समितियों से जुड़े उत्पादकों को 22 लाख रुपये की बोनस राशि के चेक वितरित किए गए।
इन छह समितियों से संघ द्वारा करीब 2.50 करोड़ रुपये की दुग्ध खरीद की गई है। बोनस के चेक मिलने पर दुग्ध उत्पादकों में उत्साह देखने को मिला। कार्यक्रम के दौरान उन्हें संघ की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं की जानकारी भी दी गई।
दुग्ध संघ अध्यक्ष मुकेश बोरा ने कहा कि दुग्ध उत्पादक संघ की रीढ़ हैं। उनकी मेहनत, लगन और नियमित सहयोग से ही दुग्ध व्यवसाय लगातार मजबूत हो रहा है। उन्होंने उत्पादकों से दुग्ध उत्पादन बढ़ाने और समितियों के माध्यम से नियमित रूप से दूध उपलब्ध कराने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि उत्पादकों की मेहनत का उचित लाभ उन्हें मिल सके, इसके लिए संघ स्तर पर लगातार योजनाएं संचालित की जा रही हैं। बोनस वितरण का उद्देश्य केवल आर्थिक प्रोत्साहन देना नहीं, बल्कि उत्पादकों के परिश्रम को सम्मान देना और उन्हें दुग्ध उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करना भी है।
मुकेश बोरा ने कहा कि दुग्ध क्षेत्र से जुड़े प्रत्येक उत्पादक का हित संघ की प्राथमिकता है। दुग्ध समितियों को और अधिक सक्रिय, मजबूत एवं सशक्त बनाने के साथ उत्पादकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में दुग्ध व्यवसाय सिर्फ आय का साधन नहीं, बल्कि अनेक परिवारों की रोजी-रोटी का आधार भी है। ऐसे में उत्पादकों को समय पर प्रोत्साहन और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना बेहद महत्वपूर्ण है।
कार्यक्रम का संचालन मार्ग प्रभारी पूरन चंद्र मिश्रा ने किया। इस अवसर पर सामान्य प्रबंधक अनुराग शर्मा, प्रशासन एवं विपणन प्रभारी संजय सिंह भाकुनी, पीएंडआई प्रभारी सुभाष बाबू , एफओ शांति कोरंगा, जगदीश चंद्र, मोहन चंद्र जोशी, दीपा देवी, नरेंद्र मेहरा, सुमित जोशी और नेहा डालाकोटी सहित दुग्ध समितियों के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में दुग्ध उत्पादक मौजूद रहे।





