देहरादून/गैरसैंण। उत्तराखंड में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले गैरसैंण एक बार फिर सियासत के केंद्र में आने जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार 27 और 28 अक्टूबर को भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में सदन चलाएगी। दो दिवसीय सत्र को केवल विधायी कार्यवाही नहीं, बल्कि पहाड़ की समस्याओं, विकास के दावों और स्थायी राजधानी की मांग के संदर्भ में भी अहम माना जा रहा है।
गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग लंबे समय से उठती रही है। वर्ष 2020 में इसे ग्रीष्मकालीन राजधानी घोषित किया गया था, लेकिन स्थायी राजधानी का सवाल आज भी राजनीतिक बहस का हिस्सा है। ऐसे में चुनाव से पहले यहां सत्र आयोजित होने से सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और पलायन जैसे मुद्दों पर सरकार की प्राथमिकताओं को परखने का मौका मिलेगा।
सत्र में सरकार के संभावित विधायी प्रस्तावों और अनुपूरक बजट को लेकर भी नजरें रहेंगी। वहीं, विपक्ष को विकास कार्यों, सरकारी घोषणाओं और जमीनी हकीकत के बीच अंतर पर सरकार को घेरने का मौका मिल सकता है।
कुल मिलाकर 2027 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले 2 दिन का असेंबली सेशन हंगामेंदार होने के भी आसार हैं।







