उत्तराखंड में शस्त्र लाइसेंस की होगी दोबारा जांच,सभी जिलों के डीएम से रिपोर्ट तलब

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अपराधिक घटनाओं पर कड़ा रुख- ट्रांसफर लाइसेंस, नए परमिट और कारतूस उपयोग तक की होगी गहन समीक्षा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों के बाद उत्तराखंड में शस्त्र लाइसेंस को लेकर बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। राज्य के गृह विभाग ने सभी जिलाधिकारियों (DM) को निर्देश जारी करते हुए शस्त्र लाइसेंसों की व्यापक समीक्षा और पुनः सत्यापन कराने के आदेश दिए हैं। साथ ही सभी जिलों से विस्तृत रिपोर्ट भी तलब की गई है।

हाल के दिनों में प्रदेश में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। खासतौर पर उन लाइसेंसों की गहन जांच के निर्देश दिए गए हैं, जो अन्य राज्यों से ट्रांसफर होकर उत्तराखंड में आए हैं। इसके अलावा हाल ही में जारी किए गए नए शस्त्र लाइसेंस भी जांच के दायरे में रहेंगे।

गृह सचिव शैलेश बगौली ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी जिलाधिकारी लाइसेंस धारकों की पूरी जांच-पड़ताल कर रिपोर्ट शासन को भेजें। साथ ही एक व्यक्ति के पास एक से अधिक शस्त्र होने की स्थिति में उसकी वैधता और प्रक्रिया की भी समीक्षा की जाएगी।

नई व्यवस्था के तहत अब केवल शूटिंग खिलाड़ियों को ही दो से अधिक शस्त्र रखने की अनुमति दी जाएगी, वह भी उनके प्रदर्शन के आधार पर तय होगी। इसके अलावा गन हाउस की नियमित जांच, उनके स्टॉक का सत्यापन और कारतूस के उपयोग की भी निगरानी की जाएगी।

सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि शस्त्र लाइसेंस का दुरुपयोग न हो और प्रदेश में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।

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