Alert – Uttrakhand : 6 जुलाई तक नहीं मिलेगी राहत, भारी बारिश और बिजली गिरने की चेतावनी..

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उत्तराखंड में मानसून ने अब पूरी तरह रफ्तार पकड़ ली है। मानसून के दूसरे ही दिन प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में बारिश का दौर तेज हो गया है। मौसम विभाग ने देहरादून और बागेश्वर में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी करते हुए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। वहीं नैनीताल, टिहरी, पौड़ी, चम्पावत, ऊधम सिंह नगर और पिथौरागढ़ जिलों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है।

स्थिति को देखते हुए बागेश्वर और अल्मोड़ा में कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है।

6 जुलाई तक बिगड़ा रहेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश में 6 जुलाई तक बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। विशेषकर पर्वतीय जिलों में कई स्थानों पर गर्जन के साथ आकाशीय बिजली तेज बारिश की बौछारें और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने और सतर्क रहने की अपील की गई है।

नैनीताल और हल्द्वानी में लगातार बारिश

नैनीताल जिले में भी मौसम पूरी तरह बदला हुआ है। नैनीताल, हल्द्वानी, रामनगर, कालाढूंगी, भीमताल, चोरगलिया और मुक्तेश्वर में लगातार रुक-रुककर बारिश हो रही है। कई इलाकों में जलभराव और फिसलन की स्थिति बनी हुई है।

30 जून को पूरे प्रदेश में बरसे बादल

पिछले 24 घंटों के दौरान प्रदेश के लगभग सभी जिलों में बारिश दर्ज की गई। देहरादून, नैनीताल, बागेश्वर, पिथौरागढ़, चम्पावत, चमोली, रुद्रप्रयाग, टिहरी, उत्तरकाशी, हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर और अल्मोड़ा समेत अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश हुई, जबकि कई स्थानों पर तेज बारिश भी रिकॉर्ड की गई।

3 जुलाई तक इन जिलों पर विशेष नजर

मौसम विभाग के अनुसार देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल और बागेश्वर में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना बनी हुई है। वहीं हरिद्वार, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और चमोली में भी भारी बारिश के आसार हैं।

ऋषिकेश में राफ्टिंग बंद

गंगा के बढ़ते जलस्तर और मानसून को देखते हुए ऋषिकेश में राफ्टिंग संचालन फिलहाल बंद कर दिया गया है। प्रशासन के अनुसार यह प्रतिबंध अगस्त तक प्रभावी रहेगा और राफ्टिंग का संचालन 1 सितंबर से दोबारा शुरू किया जाएगा।

प्रशासन की अपील

पहाड़ी क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचें।

नदी, नालों और गधेरों के किनारे जाने से परहेज करें।

भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतें।

मौसम विभाग और जिला प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करें।

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