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नैनीताल। विश्व प्रसिद्ध कैंची धाम में 15 जून को बाबा नीम करौरी महाराज के स्थापना दिवस एवं वार्षिक मेले को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गए हैं। लाखों श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य, सफाई और पार्किंग व्यवस्थाओं को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं।
श्री कैंची धाम मंदिर परिसर में आयोजित समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और सभी व्यवस्थाएं समय से पहले दुरुस्त कर ली जाएं।
चप्पे-चप्पे पर रहेगी पुलिस की नजर
मेले के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए भारी पुलिस बल, यातायात पुलिस और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी। यात्रा मार्गों और आसपास के क्षेत्रों से अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं का आवागमन सुगम बना रहे। भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष पुलिस प्लान और वैकल्पिक ट्रैफिक व्यवस्था भी तैयार की गई है।
254 बसें और 250 टैक्सियां करेंगी श्रद्धालुओं की सेवा
परिवहन विभाग ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हल्द्वानी, काठगोदाम, नैनीताल, भीमताल, भवाली और खैरना से शटल सेवाओं की व्यवस्था की है। मेले के दौरान 254 बसें और 250 टैक्सी एवं मैक्सी कैब संचालित की जाएंगी।
निर्धारित किराया इस प्रकार रहेगा..
हल्द्वानी से कैंची धाम – ₹150 प्रति व्यक्ति
नैनीताल एवं भीमताल से – ₹100 प्रति व्यक्ति
भवाली एवं खैरना से – ₹50 प्रति व्यक्ति
पार्किंग से लेकर पेयजल तक विशेष व्यवस्था
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सभी शटल सेवा केंद्रों पर पेयजल, प्रकाश व्यवस्था, शौचालय, टेंट और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली (PA System) की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। प्रत्येक केंद्र पर पुलिस, परिवहन और राजस्व विभाग का एक-एक प्रतिनिधि तैनात रहेगा।
स्वास्थ्य सेवाएं रहेंगी मुस्तैद
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए क्षेत्र में तीन एंबुलेंस और मेडिकल टीमों की तैनाती की जाएगी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग को विशेष तैयारियां रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पर्यावरण संरक्षण पर रहेगा विशेष फोकस
प्रशासन ने शिप्रा नदी और आसपास के क्षेत्र को स्वच्छ बनाए रखने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। वन विभाग, नगर पालिका और जिला पंचायत संयुक्त रूप से सफाई व्यवस्था संभालेंगे। नदी को विभिन्न जोन में बांटकर निगरानी की जाएगी ताकि कचरा नदी में न पहुंचे।
नहीं लगेंगे ठेले, फूड वैन और भंडारे
यातायात व्यवस्था को बाधित होने से बचाने के लिए मेले के दौरान यात्रा मार्गों पर किसी भी प्रकार के ठेले, फूड वैन और भंडारे लगाने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन का मानना है कि इससे ट्रैफिक व्यवस्था सुचारू बनी रहेगी और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधा मिलेगी।
जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे प्रशासन और पुलिस द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा कैंची धाम की स्वच्छता और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
15 जून को कैंची धाम एक बार फिर आस्था, श्रद्धा और भक्ति के महासंगम का साक्षी बनेगा, जिसके लिए प्रशासन ने हर स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली हैं।




