उत्तराखंड SIR: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी, 19 लाख मतदाताओं को मिलेंगे नोटिस,13 अगस्त तक है मौका..

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देहरादून। उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के पहले चरण के पूरा होने के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी गई है। इस सूची में 71,33,785 मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं। अब जिन मतदाताओं के रिकॉर्ड में किसी प्रकार की विसंगति पाई गई है, उन्हें संबंधित निर्वाचन अधिकारी की ओर से नोटिस भेजे जाएंगे।

अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे ने बताया कि करीब 19 लाख मतदाताओं के रिकॉर्ड में विभिन्न प्रकार की गड़बड़ियां या विसंगतियां मिली हैं। इन मामलों की जांच के लिए संबंधित ईआरओ (Electoral Registration Officer) और एईआरओ (Assistant ERO) नोटिस जारी करेंगे। नोटिस पर सुनवाई के लिए न्याय पंचायत स्तर पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे। मैदानी क्षेत्रों में तहसील, नगर निगम, नगर पालिका और वार्ड स्तर पर भी कैंप आयोजित किए जाएंगे, ताकि लोगों को सुविधा मिल सके।

13 अगस्त तक मिलेगा मौका

चुनाव आयोग ने 14 जुलाई से 13 अगस्त 2026 तक मतदाताओं को फॉर्म-6, फॉर्म-7 और फॉर्म-8 के माध्यम से दावा और आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया है।

फॉर्म-6 : नया नाम जोड़ने के लिए

फॉर्म-7 : नाम हटाने के लिए

फॉर्म-8 : नाम या विवरण में सुधार के लिए

फॉर्म-6 के साथ घोषणा पत्र (Annexure-4) देना अनिवार्य होगा। आवेदन ऑफलाइन अपने बीएलओ (BLO) के माध्यम से या ECINet ऐप के जरिए ऑनलाइन भी किया जा सकता है।

मतदान केंद्रों की संख्या भी बढ़ी

एसआईआर से पहले प्रदेश में 11,733 मतदान केंद्र थे, जिन्हें बढ़ाकर अब 12,543 कर दिया गया है।

15 सितंबर को आएगी अंतिम वोटर लिस्ट

निर्वाचन विभाग के अनुसार, 14 जुलाई से 11 सितंबर तक नोटिसों की सुनवाई और दावे-आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद 15 सितंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।

इन दस्तावेजों का किया जा सकता है उपयोग

यदि दस्तावेज मांगे जाते हैं, तो मतदाता इनमें से कोई भी प्रमाण प्रस्तुत कर सकते हैं_

पासपोर्ट

जन्म प्रमाण पत्र

मान्यता प्राप्त बोर्ड या विश्वविद्यालय का शैक्षिक प्रमाण पत्र

केंद्र/राज्य सरकार, पीएसयू, बैंक, डाकघर या एलआईसी द्वारा जारी पहचान पत्र या पेंशन संबंधी दस्तावेज

1 जुलाई 1987 से पहले जारी अन्य मान्य सरकारी दस्तावेज

महत्वपूर्ण नोट : यदि आपको निर्वाचन विभाग की ओर से नोटिस मिलता है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। निर्धारित समय के भीतर आवश्यक दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध कराकर अपना पक्ष रखा जा सकता है। समय पर दावा या आपत्ति दर्ज कराने से आपका नाम मतदाता सूची में सही रूप से दर्ज रहेगा।

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