बेगारी के खिलाफ 2 फरवरी को उत्तराखंड में रहेगी भोजनमाताओं की हड़ताल

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प्रगतिशील भोजनमाता संगठन, उत्तराखंड के आह्वान पर 2 फ़रवरी को उत्तराखंड में भोजनमाताएं हड़ताल पर रहेंगी। गौरतलब है कि राज्य में भोजनमाताओं का बेइंतहा शोषण किया जा रहा है। महज 3000 रु महीना के मानदेय पर उनसे काम लिया जा रहा है; और यह मानदेय भी साल में 11 महीने ही मिलता है, जो कि सरासर बेगारी कराना है।

भोजनमाताओं को न कर्मचारी राज्य बीमा निगम ( ESIC ) की सुविधा मिलती है और कर्मचारी भविष्य निधि EPF की। उन्हें मातृत्व अवकाश भी नहीं मिलता है। इस तरह वे एकदम असुरक्षित हैं। स्कूलों में उनसे खाना बनाने व बर्तन मांजने के निर्धारित काम के अलावा साफ-सफाई, टॉयलेट सफाई जैसे अन्य काम भी लिये जाते हैं। यदि कोई भोजनमाता इससे मना करती है तो उसे निकालने की धमकी दी जाती है।

सरकार ने तीन वर्ष पूर्व भोजनमाताओं को आश्वासन दिया था कि उनका मानदेय बढाकर 5000 रु महीना किया जायेगा। लेकिन भोजनमाताओं द्वारा बार-बार याद दिलाने के बावजूद उनका मानदेय नहीं बढ़ाया गया है। जबकि धामी सरकार अपनी उपलब्धियों के झूठे प्रचार में अरबों रुपया फूंक रही है।

सरकार शिक्षा व्यवस्था में निजीकरण की जनविरोधी को आगे बढ़ा रही है। इसके तहत लाई गई क्लस्टर योजना के तहत बहुत से स्कूल बंद हो जायेंगे। इससे न सिर्फ दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों व वन ग्रामों में रहने वाले गरीब परिवारों के बच्चे शिक्षा से वंचित हो जायेंगे अपितु बहुत सी भोजनमाताओं को भी अपने काम से हाथ धोना पड़ेगा।

भोजनमाताओं की मांग है कि –

▪️4 नये लेबर कोड वापस लो

▪️5000 रु घोषित मानदेय तत्काल लागू करो।

▪️न्यूनतम वेतन 18000 रु लागू करो।

▪️भोजनमाताओं को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी घोषित करो।

▪️PF, ESI व मातृत्व अवकाश लागू करो।

▪️अक्षय फाउंडेशन द्वारा बनाये जाने वाले खाने पर रोक लगाओ।

▪️सभी भोजनमाताओं को स्थायी करो। स्कूलों में होने वाले उत्पीड़न पर रोक लगाओ।

▪️निकाली गई भोजनमाताओं को पुन: काम पर रखा जाये।

▪️बच्चे कम होने पर भोजनमाताओं को काम से निकालना बंद करो।

▪️क्लस्टर योजना रद्द करो।

कल 2 फ़रवरी को हल्द्वानी में बुद्ध पार्क में एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन करेंगी।
महामंत्री
रजनी जोशी

प्रगतिशील भोजनमाता संगठन, उत्तराखंड

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