रामनगर के पूछड़ी, रानीखेत रोड व प्रदेशभर के जंगल से लगे अतिक्रमण पर हाईकोर्ट ने दिए बड़े निर्देश…

खबर शेयर करें -

ब्रेकिंग न्यूज़_ उत्तराखंड उच्च न्यायालय ने राज्य की सड़कों, नालों, वन भूमि, राष्ट्रीय राजमार्गों और स्थानीय निकायों की भूमि पर बढ़ रहे अतिक्रमण को लेकर स्वतः संज्ञान संबंधी जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए रामनगर के पुछड़ी व रानीखेत रोड के अतिक्रमणकारियों को राहत दी है।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने प्रशासन से उनका पक्ष सुने बिना अतिक्रमण न हटाने के निर्देश दिए हैं ।


इस मामले में कोर्ट के आदेश पर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्च स्तरीय समिति से अतिक्रमण के सम्बंध में 3 हफ्ते के भीतर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा गया है।


उच्च न्यायालय ने सभी संबंधित विभागों को समस्त सरकारी भूमि की जियो मैपिंग कराने और उसे अपने डिजिटल पोर्टल पर सार्वजनिक करने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में अतिक्रमण पर रोक लग सके। इसके साथ ही खंडपीठ ने वन पंचायतों की सीमाएं निर्धारित करने तथा रामनगर पूछड़ी क्षेत्र व रानीखेत रोड के निवासियों को राहत देते हुए कहा कि पक्ष को सुने बगैर उनके निर्माण कार्यों पर कोई दंडात्मक कार्यवाही न की जाए।

न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं से अपना पक्ष प्रशासन के समक्ष रखने को कहा है और फिलहाल 4 माह के लिये अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही पर रोक लगा दी है ।
​ मामला नैनीताल जिले के पदमपुरी क्षेत्र में वन विभाग की भूमि पर हुए अतिक्रमण से जुड़ा है। इसकी शिकायत, दिल्ली निवासी एक व्यक्ति ने पत्र के जरिए मुख्य न्यायाधीश से की थी।

न्यायालय ने इस पत्र को जनहित याचिका के रूप में स्वीकार किया था। इससे पूर्व 17 अक्टूबर 2023 को भी अदालत ने प्रदेश के सभी जिलाधिकारियों और डी.एफ.ओ.को अतिक्रमण हटाकर रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया था, लेकिन अनुपालन न होने पर न्यायालय ने दोबारा सख्त कदम उठाए हैं।


​न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि खाम भूमि सहित अन्य स्थानों पर बनाए गए सभी अवैध रिसॉर्ट्स और अतिक्रमणकारियों को अविलंब हटाया जाए। साथ ही, रामनगर के वन क्षेत्र से लगे रोजमर्रा की कमाई करने वाले स्थानीय लोगों का पक्ष सुनकर उनकी समस्याओं का समाधान करने के निर्देश दिए। खंडपीठ ने दोहराया कि सभी विभाग पारदर्शी व्यवस्था के तहत डिजिटल मैपिंग की रिपोर्ट अपनी वैबसाइट पर अपलोड करें ताकि राज्य की सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

वरिष्ठ पत्रकार कमल जगाती

ADVERTISEMENTSAd Ad Ad Ad
Breaking News