हल्द्वानी _ एलटी शिक्षकों पर टीईटी की नई बाध्यता को लेकर राजकीय शिक्षक संघ, नैनीताल ने मोर्चा खोल दिया है। संघ के प्रतिनिधिमंडल ने हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और लंबे समय से सेवा दे रहे एलटी शिक्षकों को टीईटी की बाध्यता से छूट देने की मांग की।
शिक्षक संघ का कहना है कि प्रदेश के राजकीय माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत एलटी शिक्षकों की नियुक्तियां निर्धारित सेवा नियमावली, शैक्षिक एवं व्यावसायिक योग्यता और विधिवत चयन प्रक्रिया के आधार पर हुई हैं। कई शिक्षक वर्षों से पूरी निष्ठा के साथ शिक्षा व्यवस्था में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
“वर्षों की सेवा के बाद फिर परीक्षा क्यों?”
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि पहले से नियुक्त और कार्यरत शिक्षकों पर नई टीईटी बाध्यता लागू होने से उनकी सेवा, पदोन्नति, सेवा-सुरक्षा और भविष्य को लेकर अनिश्चितता पैदा हो सकती है।
विधायक सुमित हृदयेश ने भी इस मांग का समर्थन करते हुए टीईटी की बाध्यता को लेकर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों ने निर्धारित नियमों के तहत नियुक्त होकर दशकों तक हजारों बच्चों का भविष्य संवारा, उनसे सेवा के इस पड़ाव पर दोबारा परीक्षा देने की अपेक्षा करना उचित नहीं है।
सुमित हृदयेश ने कहा कि आज कई शिक्षक 50 से 55 वर्ष की उम्र तक पहुंच चुके हैं। ऐसे शिक्षकों से दोबारा परीक्षा देने की अपेक्षा करना व्यावहारिक रूप से बेहद कठिन है। उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षकों के अनुभव, सेवा और सम्मान को ध्यान में रखते हुए मानवीय एवं न्यायसंगत फैसला लेना चाहिए।
विधायक ने शिक्षक संघ को भरोसा दिलाया कि इस मुद्दे को आगामी विधानसभा सत्र में मजबूती से उठाया जाएगा और जरूरत पड़ने पर शासन स्तर पर भी प्रभावी पैरवी की जाएगी।
उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं। वर्षों तक शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने वाले शिक्षकों के सामने सेवा के अंतिम पड़ाव पर नई बाधाएं खड़ी करने के बजाय उनके अनुभव और योगदान का सम्मान किया जाना चाहिए।
प्रतिनिधिमंडल में जिला उपाध्यक्ष मदन गोस्वामी, मंडलीय उपाध्यक्ष प्रीति मजगाई, पूर्व मंडलीय अध्यक्ष डॉ. गोकुल मर्तोलिया, पूर्व जिला अध्यक्ष डॉ. विवेक पाण्डेय, हेम त्रिपाठी, पान सिंह मेहता, मीनाक्षी कीर्ति, रश्मि पांडे, गणेश जोशी, धीरेन्द्र मिश्रा, त्रिलोक ब्रजवासी, कुलदीप जोशी, जगदीश कुमार विमल, बलवंत हयांकी, कृष्ण सोनाल सहित शिक्षक संघ के अन्य सदस्य मौजूद रहे।





