देहरादून :
राजधानी देहरादून में स्कूल के बाहर छात्रा के अपहरण की कोशिश की अफवाह ने सोशल मीडिया पर हड़कंप मचा दिया। वायरल पोस्ट और वीडियो के चलते कई अभिभावक दहशत में आ गए, हालांकि पुलिस जांच में इस तरह की किसी भी घटना की पुष्टि नहीं हुई है।
मामला शनिवार 7 फरवरी का बताया जा रहा है, लेकिन मंगलवार को सोशल मीडिया और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए यह खबर फैली। दावा किया गया कि एक निजी स्कूल के बाहर बच्ची को जबरन वैन में बैठाने और इंजेक्शन लगाने की कोशिश की गई, लेकिन स्कूल प्रबंधन और पुलिस दोनों ने इसे फर्जी बताया है।
स्कूल और पुलिस का साफ बयान
दून इंटरनेशनल स्कूल के चेयरपर्सन डी.एस. मान ने स्पष्ट कहा कि स्कूल परिसर या बाहर कोई अपहरण की घटना नहीं हुई, न ही स्कूल की ओर से कोई लिखित एडवाइजरी जारी की गई। उन्होंने कहा कि केवल सामान्य सतर्कता की अपील की गई थी।
CCTV में दिखी महिला का पक्ष
वायरल सीसीटीवी फुटेज में दिख रही महिला और उसके पति से पुलिस ने पूछताछ की। महिला ने बताया कि वह पास स्थित गांधी शताब्दी अस्पताल में इलाज के लिए आई थी और स्कूल छुट्टी के समय बाहर बैठी थी। उसने किसी छात्रा से केवल स्कूल की फीस और पढ़ाई को लेकर सामान्य बातचीत की थी।
पुलिस ने अस्पताल और डॉक्टर से भी क्रॉस-वेरिफिकेशन किया।
एसएसपी का बयान: कोई गैंग सक्रिय नहीं
एसएसपीअजय सिंह ने बताया कि जांच में सामने आया है कि बच्चों के बीच हुई सामान्य बातचीत को गलत तरीके से पेश किया गया, जिससे अफवाह फैली।
उन्होंने साफ कहा कि देहरादून में किसी किडनैपिंग गैंग की कोई जानकारी नहीं है और अपहरण जैसी कोई घटना नहीं हुई।
पुलिस की अपील
पुलिस ने अभिभावकों और आम जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट और भ्रामक खबरों पर भरोसा न करें, ऐसी अफवाहें समाज में डर और भ्रम पैदा करती हैं।
