बारिश से राहत लेकिन इन जिलों में अलर्ट, सर्पदंश के मामले बढ़े_ जानें वेदर अपडेट

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पहाड़ से लेकर मैदान तक बारिश के कारण जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। कहीं भूस्खलन और कहीं जल भराव से लोगों के लिए दुश्वारियां खड़ी हो गईं हैं। बीते मंगलवार से भारी वर्षा से कुछ राहत मिली है।

वहीं प्रदेश में आज पिछले दिनों से चल रही भारी वर्षा के क्रम से कुछ राहत मिलने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिन प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं।

अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के ज्यादातर क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। बुधवार को देहरादून में सुबह से बादलों की आंख मिचौली चलती रही। दोपहर के समय तेज धूप निकलने से उमसभरी गर्मी ने बेहाल कर दिया तो कहीं घने बादल मंडराने से धूप से तो राहत मिली लेकिन गर्मी बरकरार रही।


देहरादून के मोहकमपुर, जौलीग्रांट, मालदेवता, अशारोड़ी, और सहस्त्रधारा रोड में झमाझम बारिश हुई और शाम के समय भी आसमान में बदल मंडराते रहे। धूप खिलने की वजह से देहरादून के अधिकतम तापमान में बढ़ोतरी हुई है।
वहीं विकास नगर, नरेंद्र नगर आदि में तीव्र बौछारों के दौर हुए। मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार आज देहरादून, टिहरी, नैनीताल और चंपावत में गरज-चमक के साथ भारी बारिश हो सकती है।
देहरादून सहित इन चारों जिलों के लिए बारिश का येलो अलर्ट भी जारी किया गया है। मॉनसून के सीजन में सर्पदंश के मामले भी बढ़ गए हैं। दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की इमरजेंसी में सर्पदंश के गंभीर मामले भी आ रहे हैं।

उधर यमुनोत्री हाइवे पर बादल फटने की घटना के चौथे दिन बाद भी वाहनों की आवाजाही शुरू नहीं हो पाई है। अत्यधिक मलबा और कीचड़ जमा होने के कारण वाहनों की आवाजाही शुरू करने में दिक्कत आ रही है। पैदल आवाजाही सुचारू है लेकिन उसमें भी खतरा बना हुआ है।


बुधवार को स्यानाचट्टी से जानकी चट्टी के बीच फंसे लगभग 254 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। घटना में लापता सात लोगों को ढूंढने के लिए एनडीआरएफ जुटी हुई है।

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