हल्द्वानी। रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद सामने आए कथित ‘शुद्धिकरण’ विवाद ने अब कानूनी रूप ले लिया है। अधिवक्ता अंजू की शिकायत पर हल्द्वानी कोतवाली पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
FIR के मुताबिक मामला 7 सितंबर 2026 को दर्ज किया गया। इसमें BNS की धारा 196 और 299 के साथ SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(r) लगाई गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 10 अगस्त को रामलीला मैदान में कथित तौर पर ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम कराया गया। शिकायतकर्ता ने इसे जातिगत भेदभाव और सामाजिक अपमान से जोड़ते हुए जांच और कार्रवाई की मांग की है।
मामले में सोशल मीडिया पर प्रसारित एक कथित एडिटेड वीडियो का भी उल्लेख है। शिकायत में आरोप है कि वीडियो को इस तरह प्रस्तुत किया गया, जिससे धार्मिक भावनाओं और विभिन्न समुदायों के बीच वैमनस्य पैदा होने की आशंका बन सकती है। हालांकि, वीडियो वास्तविक रूप से एडिटेड है या नहीं और उसमें मौजूद सामग्री का मूल संदर्भ क्या था,,यह अब पुलिस जांच का विषय है।
वायरल वीडियो से लेकर CCTV तक होगी जांच
शिकायत में पुलिस से वीडियो के मूल स्रोत, एडिटिंग, पहली बार अपलोड करने वाले व्यक्ति और इसे व्यापक रूप से प्रसारित करने वालों की पहचान करने की मांग की गई है। साथ ही सोशल मीडिया पोस्ट, रील, कमेंट और अन्य डिजिटल सामग्री सुरक्षित करने तथा जरूरत पड़ने पर इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की मांग भी की गई है।
पुलिस जांच में यह भी सामने लाया जाएगा कि 10 अगस्त को रामलीला मैदान में वास्तव में क्या हुआ था और कथित ‘शुद्धिकरण’ कार्यक्रम में कौन-कौन लोग शामिल थे।
फिलहाल FIR में किसी का नाम नहीं
FIR में फिलहाल किसी व्यक्ति को नामजद नहीं किया गया है। पुलिस के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती उपलब्ध वीडियो, CCTV और अन्य डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ना और संबंधित लोगों की भूमिका तय करना है।
यह मामला राजनीतिक रूप से भी संवेदनशील है। एक तरफ कांग्रेस की ओर से कार्रवाई की मांग उठी है, वहीं दूसरी ओर विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी सामने आती रही है।





