हल्द्वानी। नैनीताल जिले में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को लेकर एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने पुलिस अधिकारियों को सख्त चेतावनी दी है। हल्द्वानी कोतवाली में मंगलवार को हुई अपराध समीक्षा बैठक में लंबित विवेचनाओं में देरी पर उन्होंने नाराजगी जताई और जांच अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समय पर विवेचना पूरी नहीं करने वाले अधिकारियों के खिलाफ निलंबन तक की कार्रवाई की जा सकती है।
एसएसपी ने थाना और चौकी प्रभारियों को अपनी कार्यप्रणाली सुधारने, अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने और पुलिसिंग में लापरवाही से बचने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अपराधों की समीक्षा गंभीरता से की जा रही है और गृह मंत्री भी हर महीने इसकी समीक्षा करते हैं। ऐसे में काम में ढिलाई और अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
त्योहारों और विधानसभा सत्र को लेकर अलर्ट पुलिस
धनतेरस, दीपावली, भैया दूज और आगामी विधानसभा सत्र को देखते हुए जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करने के निर्देश दिए गए हैं। बाजारों, पटाखा बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने, नियमित गश्त और चेकिंग बढ़ाने को कहा गया है। होटल और रेस्टोरेंट की जांच के साथ संदिग्ध व्यक्तियों पर भी नजर रखी जाएगी।
एसएसपी ने साफ किया कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। महिला और बाल सुरक्षा से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई करने तथा संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए।
जाम लगाने वाले वाहनों पर चलेगा अभियान
हल्द्वानी समेत जिले के अन्य क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए एसएसपी ने सख्त निर्देश दिए। डग्गामार निजी बसों और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ बड़ा अभियान चलाने को कहा गया है। ओवरलोडिंग, नशे में वाहन चलाने और तेज व लापरवाही से ड्राइविंग करने वालों पर भी कार्रवाई होगी।
हल्द्वानी की ठंडी सड़क पर अनावश्यक वाहन खड़े कर यातायात बाधित करने वालों के खिलाफ भी अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए यातायात पुलिस, सीपीयू और कोतवाली पुलिस को संयुक्त रूप से कार्रवाई करने को कहा गया है।
जुआ-सट्टा और नशा तस्करों पर शिकंजा
एसएसपी ने जुआ-सट्टा, नशा तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों की जांच करने और नियमानुसार गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने पर भी जोर दिया गया।
आदतन अपराधियों और अराजक तत्वों को चिह्नित कर उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई करने, संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने और साइबर ठगी की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई करने को कहा गया। ठगी की रकम वापस दिलाने के लिए भी प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए गए।
लंबित मामलों से लेकर थानों में खड़े वाहनों तक पर नजर
बैठक में लंबित मुकदमों की विवेचना जल्द और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरी करने, साक्ष्य जुटाने तथा अभियोजन को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया। थानों में लंबे समय से खड़े मुकदमों से संबंधित वाहनों और अन्य माल का नियमानुसार शीघ्र निस्तारण करने के निर्देश भी दिए गए।
एसएसपी ने पुलिसकर्मियों की विभागीय और व्यक्तिगत समस्याएं भी सुनीं और उनके समयबद्ध समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया।
36 पुलिसकर्मियों को मिला सम्मान
बैठक के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले 36 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। इनमें गृह मंत्रालय की ओर से विशिष्ट कार्य के लिए फायरमैन सुखदेव सिंह को डीजी-एफएस डिस्क ब्रॉन्ज और प्रशस्ति पत्र दिए जाने का उल्लेख किया गया। वहीं, पुलिस मुख्यालय की ओर से लीडिंग फायरमैन राजकुँवर सिंह और कांस्टेबल चंदन मर्तोलिया को महानिदेशक प्रशस्ति डिस्क सिल्वर से सम्मानित किया गया।
इसके अलावा 33 पुलिसकर्मियों को बेस्ट एम्प्लॉयी ऑफ द मंथ पुरस्कार दिया गया।
बैठक में जिले के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
अपराध समीक्षा बैठक में एसपी क्राइम डॉ. जगदीश चंद्र, एसपी संचार रेवाधर मठपाल, विभिन्न क्षेत्रों के सीओ, थाना-चौकी प्रभारी, यातायात और सीपीयू प्रभारी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।







