ग्रामीण इलाकों की बेटियां अब बड़े सपने देख रही हैं_ 12वीं की मेरिट लिस्ट में मुस्लिम अल्पसंख्यक छात्राओं ने किया कमाल

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उत्तराखंड बोर्ड नतीजे – हल्द्वानी।
इंटरमीडिएट परीक्षा की मेरिट सूची इस बार सिर्फ अंकों की कहानी नहीं, बल्कि बदलाव की एक मजबूत तस्वीर बनकर सामने आई है। टॉप-25 मेधावियों की सूची में कुल 105 छात्रों में से 73 छात्राएं शामिल हैं..और इनमें मुस्लिम अल्पसंख्यक समुदाय की 11 बेटियों ने अपनी जगह बनाकर एक नई मिसाल कायम की है।

यह उपलब्धि इस बात का स्पष्ट संकेत है कि अब अल्पसंख्यक समाज में शिक्षा को लेकर जागरूकता तेजी से बढ़ रही है, खासकर बेटियों की पढ़ाई को लेकर। रुड़की, मंगलौर, भगवानपुर और सितारगंज जैसे छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों से आई इन छात्राओं ने साबित कर दिया है कि सीमित संसाधन भी बड़े सपनों के रास्ते में बाधा नहीं बन सकते।

मेहनत, लगन और आत्मविश्वास की मिसाल बनीं ये मेधावी छात्राएं

मिस्बा (96.00%) एसएबीएसपी इंटर कॉलेज, इमलीखेड़ा (रुड़की) | 7वीं रैंक

मुर्शिदा (95.60%) आदर्श कन्या इंटर कॉलेज, बाजपुर | 9वीं रैंक

रामशा मरियम (95.40%) – आरएनआई इंटर कॉलेज, भगवानपुर |10वीं रैंक

इनायत ज़ेहरा (95.00%) – जीजीआईसी, मंगलौर | 12वीं रैंक

तश्मियां (95.00%) – जीजीआईसी, मंगलौर | 12वीं रैंक

शिफा (94.20%) – जीजीआईसी, सितारगंज | 16वीं रैंक

आफरीन (94.20%) – आरकेएलएम आर्या कन्या इंटर कॉलेज, काशीपुर | 16वीं रैंक

मंतशा (93.40%) – जीजीआईसी, मंगलौर | 20वीं रैंक

आरजू (93.20%) – दुर्गा मॉडर्न इंटर कॉलेज, मंगलौर | 21वीं रैंक

तानिया खातून (92.80%) – आर्या कन्या पाठशाला इंटर कॉलेज, रुड़की | 23वीं रैंक

अलीना कुरैशी (92.80%) – श्रीमती के.8 जोशी एम इंटर कॉलेज, नानकमत्ता | 23वीं रैंक

इन छात्राओं की सफलता सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि सामाजिक बदलाव की मजबूत दस्तक है। यह उन परिवारों और शिक्षकों की मेहनत का भी परिणाम है, जिन्होंने बेटियों के सपनों को पंख देने में कोई कसर नहीं छोड़ी।

आज ये बेटियां न केवल अपने परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन कर रही हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी बन रही हैं।

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