ब्रेकिंग न्यूज़ – उत्तराखण्ड में नैनीताल से जुड़े गांव में दूषित पानी पीने से दो लोगों की मौत हो गई है।
इस दुःखद घटना के बाद ग्रामीणों में रोष है और उन्होंने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
नैनीताल जिले के वीरभट्टी, गांजा, छिंडां मल्ला, बगरीखोड़, छिंडां तल्ला आदि गांव के 50प्रतिशत लोग दूषित पेयजल से जुड़ी बीमारियों के शिकार हुए हैं। जल संस्थान ने पानी की गुणवत्ता चैक की तो उसमें सीवेज का मिक्स होना पाया गया। विभाग ने इसके बाद सीवेज और पेयजल की लाइनों को चैक कर अलग अलग किया। पीलिया और डायरिया जैसी बीमारियों के फैलने के बाद ग्रामीण अलग अलग अस्पताललों में भर्ती हुए थे।
आज दूषित पेयजल से बीमार दो लोगों(एक महिला और एक युवक)की उपचार के दैरान मौत ही गई। इसके साथ ही कई लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं जो मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। डॉक्टरों ने सभी मामलों में लिवर संबंधी इंफेक्शन बताया है।
ग्रामीणों ने बताया कि ज्यूलिकोट के साथ वर्गोंमोंट, गांजा, छीड़ा, वीरभट्टी, कृष्णापुर, साडियाताल, तल्ला बेलुवाखान, मल्ला बेलुवाखान, देवलडूंगा आदि क्षेत्रों में भी दूषित पेयजल आपूर्ति से ये पेट संबंधी बीमारियां पैदा हो रही हैं। दूषित पानी से पीलिया, टाइफाइड, डायरिया, उल्टी, बुखार, दस्त जैसी बीमारियां हो रही हैं।
उन्होंने प्रशासन और जल संस्थान पर लापरवाही समेत कई गंभीर आरोप लगाए है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी नैनीताल से संबंधित विभाग के अधिकरियों पर कार्यवाही करने की माँग भी की है।
वरिष्ठ पत्रकार कमल जगाती





