उत्तराखण्ड उच्च न्यायालय ने हल्द्वानी बनभूलपुरा कांड के आरोपी अब्दुल मलिक सहित अन्य की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए मोकिन सैफी की जमानत मंजूर कर ली है। वरिष्ठ न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी और न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की खण्डपीठ को याचिकाकर्ता के अधिवक्ता विकास गुगलानी ने अवगत कराया कि मोकिन सैफी का नाम न तो प्राथमिकी में है और न ही वह घटना में शामिल हैं। संदेह के आधार पर उन्हें बेवजह गिरफ्तार किया गया, उन्हें जमानत पर रिहा किया जाय।
आपको बता दें कि अब्दुल मलिक सहित अन्य के खिलाफ बनभूलपुरा दंगे के समय चार मुकदमे दर्ज हुए थे। एक मामला में उनपर कूटरचित, झूठे शपथपत्र के आधार पर राजकीय भूमि को हड़पने का कार्य किया। यही नही उनके द्वारा नजूल भूमि पर कब्जा करके प्लॉटिंग, अवैध निर्माण करके उसे बेचा गया। जब जिला प्रसाशन इस अतिक्रमण को हटाने पहुँची तो उनपर पथराव किया गया। बाद में इस घटना ने दंगे का रूप ले लिया। इसी दंगे में सरकारी, पुलिस व अन्य लोग घायल हो गए, कईयों की जान तक चली गयी। आरोपियो का कहना है कि उन्हें झूठा फंसाया गया है। एफ.आई.आर.में उनका नाम नहीं है। पुलिस ने उन्हें जबरन इस मामले में फंसाया है। इसलिए उन्हें जमानत पर रिहा किया जाय। दंगे में शामिल कई लोगो को पूर्व में कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।
