हल्द्वानी। उत्तराखंड में मौसम एक बार फिर करवट ले रहा है। पहाड़ी जिलों में आज कई जगह हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-बौछार देखने को मिल सकती है। वहीं, कुछ इलाकों में तेज से अति तेज बारिश का दौर भी लोगों की परेशानी बढ़ा सकता है।
नैनीताल जिले के हल्द्वानी में रात से शुरू हुई बारिश का सिलसिला सुबह भी जारी रहा। सुबह से ही आसमान में घने और काले बादल छाए हुए हैं। बारिश के चलते मौसम सुहावना जरूर हुआ है, लेकिन लगातार बारिश ने लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है। बारिश के बीच स्कूली बच्चों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वहीं मौसम विभाग ने पहाड़ी जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है।
चमोली में भूस्खलन, 10 मकानों में आई दरारें
बारिश का असर पहाड़ी इलाकों में साफ दिखाई देने लगा है। चमोली में भूस्खलन के चलते निजमुला मार्ग बंद हो गया है। वहीं सुतोल गांव में भू-धंसाव की स्थिति सामने आई है। यहां करीब 10 मकानों में दरारें आने से ग्रामीणों में चिंता का माहौल है।
इन इलाकों में भी बढ़ सकती है परेशानी
पिथौरागढ़ और बागेश्वर में कुछ स्थानों पर भारी से अत्यंत भारी बारिश की संभावना है। धारचूला, मुनस्यारी, कपकोट और गरुड़ जैसे इलाकों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ने के साथ ही पहाड़ी सड़कों पर मलबा आने का खतरा बना हुआ है।
चमोली और रुद्रप्रयाग में बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा है। केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भी सतर्कता बढ़ाई गई है।
हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में 27 और 28 अगस्त को कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं नैनीताल, अल्मोड़ा और पौड़ी में बादल छाए रहने के साथ रुक-रुककर बारिश होने की संभावना है। कई इलाकों में आकाशीय बिजली चमकने की चेतावनी भी दी गई है।
अगले तीन दिन कैसा रहेगा मौसम?
28 अगस्त_पहाड़ी जिलों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा रहेगा। कई जगह तेज से अति तेज बारिश हो सकती है।
29 अगस्त_पर्वतीय जिलों में कहीं-कहीं गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और तेज से अति तेज बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग ने यलो अलर्ट जारी किया है।
30 अगस्त_ देहरादून, पिथौरागढ़, चमोली, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। राज्यभर में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली और तेज से अति तेज बारिश का दौर देखने को मिल सकता है।
सावधानी जरूरी
लगातार बारिश के बीच पहाड़ी रास्तों पर सफर करने वालों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। नदी-नालों के आसपास जाने से बचें और भूस्खलन की आशंका वाले मार्गों पर मौसम की स्थिति देखकर ही यात्रा करें।
नैनीताल में बारिश का असर: 11 मार्ग बंद, 3 जनहानी, 7 भवन क्षतिग्रस्त
नैनीताल जिले में बारिश का असर अब पहाड़ी और ग्रामीण इलाकों में साफ दिखाई दे रहा है। जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की 27 अगस्त की शाम 9:30 बजे की रिपोर्ट के अनुसार, जिले में कई सड़कें बाधित हैं और बारिश से भवनों को भी नुकसान पहुंचा है।
11 मार्गों पर आवाजाही प्रभावित
जिले में फिलहाल 1 राज्य मार्ग, 1 प्रमुख जिला मार्ग और 9 ग्रामीण मार्ग, यानी कुल 11 मार्ग बंद/बाधित हैं। इनमें प्रमुख रूप से
पाण्डेगांव-रानीकोटा मार्ग (किमी 4.2)
रातिघाट-बुधलाकोट मार्ग (किमी 7)
डोबा-गोनियारो मार्ग (किमी 10)
बसगांव-तवालेख मार्ग (किमी 4.5)
सुयालबाड़ी-ओडाखान मार्ग (किमी 65, 76)
छीड़ाखान-अमजड़ मार्ग (किमी 11, 19, 21)
कुलोरी-पोखरी मार्ग (किमी 7)
कौल मोटर मार्ग (किमी 1, 05)
सलियाकोट-अर्नपा मार्ग (किमी 3, 6)
देवीपुरा-सौड़ मार्ग (किमी 20, 24)
छड़ा-बेघर नाला मार्ग (किमी 1, 6, 10)
शाम तक संबंधित विभागों की टीमें मार्ग खोलने में जुटी हुई हैं।
बारिश से नुकसान भी सामने आया
आपदा रिपोर्ट के मुताबिक जिले में अब तक 3 जनहानि दर्ज की गई है। इसके अलावा 7 भवन आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं और 29 आंगन/दीवारों को नुकसान पहुंचा है। एक छोटे पशु की भी मौत की सूचना है। हालांकि, किसी भवन के पूरी तरह क्षतिग्रस्त होने की सूचना नहीं है।
रामनगर में बीते 24 घंटे में 23.6 मिमी कालाढूंगी में 6 मिमी और चोरगलिया में 31 मिमी बारिश दर्ज की गई है। फिलहाल विद्युत और पेयजल आपूर्ति सामान्य बताई गई है।
बारिश के बीच सबसे बड़ी चिंता पहाड़ी रास्तों पर आवाजाही को लेकर है। प्रशासन की टीमें लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और बंद मार्गों को खोलने का काम जारी है।





