करोड़ों की साइबर ठगी करने वाला APK फाइल गैंग बेनकाब, 4 पकड़े गए..haldwani

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हल्द्वानी – नैनीताल पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर अपराध नेटवर्क पर बड़ा प्रहार करते हुए फर्जी लिंक और APK फ़ाइलों के जरिए करोड़ों की ठगी करने वाले गैंग का पर्दाफाश कर दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी ने प्रेस वार्ता में बताया कि यह गिरोह मोबाइल फोन हैक कर बैंकिंग डेटा चुराने में माहिर था और बीते कई महीनों से कई राज्यों की पुलिस को चुनौती दे रहा था।

पुलिस जांच में 3 करोड़ रुपये से अधिक के संदिग्ध वित्तीय लेन-देन का खुलासा हुआ है। व्यापक ऑपरेशन के दौरान गैंग के चार सदस्य गिरफ्तार किए गए, जो उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान के निवासी हैं।

छापेमारी में पुलिस को बड़ी मात्रा में डिजिटल और वित्तीय सबूत मिले हैं जिसमें 11 मोबाइल फोन, 9 सिम कार्ड, कई आधार-पैन कार्ड, बैंक चेकबुक और 9 डेबिट कार्ड बरामद किए गए हैं। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे लोगों को लालच भरे लिंक और फर्जी APK फ़ाइलें भेजते थे। इन्हें खोलते ही पीड़ितों के मोबाइल का पूरा डेटा- पासवर्ड, OTP, बैंकिंग डिटेल्स -गिरोह के नियंत्रण में आ जाता था।

एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टीसी ने कहा कि बढ़ते साइबर अपराध के बीच यह कार्रवाई पुलिस की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि किसी भी अज्ञात लिंक, कॉल या एप्लिकेशन पर भरोसा न करें और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी पुलिस थाने में संपर्क करें।

नैनीताल पुलिस तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से गिरोह के पूरे नेटवर्क की गहन जांच कर रही है और जल्द ही इससे जुड़े अन्य साथियों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी में है।

पकड़े गए आरोपी:
शुभम गुप्ता (अलवर), पियूष गोयल (बुलंदशहर), ऋषभ कुमार (गाजियाबाद), मोहित राठी (गुरुग्राम)

वाहन सीज, गैंग पर जांच जारी।
एसएसपी नैनीताल ने पुलिस टीम को ₹5000 पुरस्कार देकर सम्मानित किया।

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