बाबा साहब पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से आक्रोश, मूल निवासी संघ ने CM को भेजा ज्ञापन

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हल्द्वानी (नैनीताल) – पिथौरागढ़ में सोशल मीडिया पर संविधान निर्माता भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के प्रति कथित आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले को लेकर मूल निवासी संघ और विभिन्न अंबेडकरवादी संगठनों में नाराजगी है। मूल निवासी संघ की नैनीताल जिला इकाई ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को ज्ञापन भेजकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

ज्ञापन में सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट के संबंध में FIR संख्या 0152/2026 दर्ज होने का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि इस तरह की कथित टिप्पणियां सामाजिक सौहार्द, समानता, बंधुता और संवैधानिक मूल्यों को प्रभावित कर सकती हैं। संघ ने मांग की है कि मामले की जांच तेजी से और निष्पक्ष तरीके से की जाए, ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।

मूल निवासी संघ ने ज्ञापन के माध्यम से सात प्रमुख मांगें उठाई हैं। इनमें संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट, स्क्रीनशॉट, लिंक, यूजरनेम और अकाउंट से जुड़ी जानकारी सुरक्षित रखना, कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करना और यदि आपत्तिजनक सामग्री दोबारा प्रसारित हो रही हो तो उसे हटवाने के कदम उठाना शामिल है।

इसके अलावा संघ ने राज्य सरकार से संविधान और सामाजिक न्याय के मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट करने, पुलिस एवं प्रशासन को सामाजिक तनाव रोकने के लिए आवश्यक निर्देश देने और मामले में की जा रही कार्रवाई की जानकारी संबंधित प्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने की मांग की है।

ज्ञापन में कहा गया है कि डॉ. भीमराव अंबेडकर का जीवन सामाजिक असमानता के खिलाफ संघर्ष और समान अधिकारों की स्थापना का प्रतीक है। उनके प्रति कथित अपमानजनक टिप्पणी को संघ ने गंभीर विषय बताते हुए संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, मामले में दोष तय करना जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अधीन है।

ज्ञापन देने वालों में मूल निवासी संघ के जिलाध्यक्ष रमेश लोहिया, प्रदेश उपाध्यक्ष दीपक चनियाल, हरी राम, गोपाल राम ग्वासीकोटी, चंदन प्रसाद ग्वासीकोटी, आर.पी. गंगोला, नकलेश चौहान, नफीस अहमद खान और पी.आर. टम्टा सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।

ज्ञापन की प्रतिलिपि पुलिस महानिदेशक उत्तराखंड, पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं परिक्षेत्र, राज्य अनुसूचित जाति आयोग और पुलिस अधीक्षक पिथौरागढ़ को भी भेजी गई है।

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