हल्द्वानी। बुराई पर अच्छाई की जीत और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों का संदेश लेकर शीशमहल की रामलीला एक बार फिर दर्शकों के बीच आने को तैयार है। युवा सामाजिक एवं सांस्कृतिक समिति, शीशमहल की ओर से रामलीला मंचन का शुभारंभ 13 अक्टूबर से रात 8 बजे होगा। इस बार 45 फुट ऊंचे रावण के पुतले और शूर्पणखा के विशेष अभिनय को आकर्षण का केंद्र बनाने की तैयारी है।
आयोजन को लेकर समिति के पदाधिकारियों ने एक निजी होटल में आयोजित प्रेस वार्ता में जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि रामलीला को यादगार बनाने के लिए कलाकार पिछले दो महीनों से लगातार अभ्यास कर रहे हैं। संवाद, अभिनय और मंचन की बारीकियों पर मेहनत की जा रही है, ताकि दर्शकों को रामायण के प्रसंगों का जीवंत अनुभव मिल सके।
समिति के अनुसार, रामलीला का शुभारंभ 13 अक्टूबर को होगा, जबकि 22 अक्टूबर को दशहरा और 23 अक्टूबर को राजतिलक का आयोजन किया जाएगा। आयोजन की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। समिति का उद्देश्य धार्मिक आस्था के साथ-साथ नई पीढ़ी तक भगवान श्रीराम के आदर्शों, संस्कारों और सत्य की विजय का संदेश पहुंचाना है।
प्रेस वार्ता में मुख्य व्यवस्थापक गिरीश चंद तिवारी, संरक्षक हरीश चंद पांडे, अध्यक्ष मनोज कुमार तिवारी ‘विन्नी’, उपाध्यक्ष दिनेश फुलारा, सचिव विक्रम डंगवाल, महिला उपाध्यक्ष पुष्पा संभल, कोषाध्यक्ष सुरेश तिवारी, निर्देशक नीरज फुलारा, व्यवस्थापक भुवन तिवारी और मीडिया प्रभारी कमल पपने मौजूद रहे।







