उत्तराखंड : आफत की बारिश,स्कूल बंद सड़कें बंद_हल्द्वानी में जल भराव से हाल बेहाल..

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उत्तराखंड में बारिश के चलतेबरसाती नाले नदियां उफान पर आ गई हैं और खतरे के निशान के पास बह रही हैं। दो-तीन दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण जनजीवन भी अस्तव्यस्त हो गया है। मौसम विभाग ने आज देहरादून, नैनीताल, चंपावत, उधम सिंह नगर, बागेश्वर और टिहरी जिले के कुछ हिस्सों में भारी से भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।

अन्य जिलों में भी बारिश का येलो अलर्ट है। बारिश के अलर्ट को देखते हुए नैनीताल, चंपावत, बागेश्वर, हरिद्वार, देहरादून, पौड़ी, टिहरी और उधमसिंह नगर जनपदों के स्कूलों में आज भी छुट्टी रहेगी । प्रदेश में पिछले दो दिनों से लगातार बारिश के चलते लोगों के लिए मुसीबत खड़ी हो गई है।

बारिश के चलते जहां लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया है वहीं नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के पास तक पहुंच गया है। ऋषिकेश में सोमवार को गंगा नदी खतरे के स्तर के पास बह रही थी। हालांकि बाद में नदी का जलस्तर कम हो गया।

हरिद्वार में जलस्तर 294 मीटर है जबकि गंगा 292.75 मीटर के जलस्तर पर बह रही थी। नौगांव में यमुना नदी के खतरे का स्तर 1060.40 है। यहां नदी का जलस्तर 1058.64 मीतर पहुंच गया था।

पिथौरागढ़ में धारचूला में काली नदी के खतरे का जलस्तर 890 मीटर है और नदी का जलस्तर 889 मीटर तक पहुंच गया था। जोशीमठ में अलकनंदा और सत्यनारायण में सॉन्ग नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है।

अगले कुछ दिनों तक बारिश के हालात इसी तरह के रहने के आसार हैं जिससे नदियों का रौद्र रूप दिखाई दे सकता है। पर्वतीय इलाकों में बारिश आफत बनी हुई है। बारिश के कारण मलबा आने से चार हाईवे सहित 117 मार्ग बंद है। जिसमें पांच राज्य मार्ग और 79 ग्रामीण शहर के शामिल है। वहीं बागेश्वर जिले में कब कोर्ट और दुगनापुरी में रुक रुक कर बारिश होने से 10 सड़कें बंद हुई हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ रहा है।

सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग बागेश्वर कपकोट- तुड़तउड़िया के पास मलबा आने से अवरुद्ध हो गया। जबकि एक ग्रामीण का मकान हल्का क्षतिग्रस्त हो गया है। मकान का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने से पीछे से मलबा आने का भय भी बना हुआ है।

नैनीताल जिले में भारी बारिश का कहर, हल्द्वानी के कई इलाके जलमग्न


बारिश के चलते हल्द्वानी शहर के कई इलाकों में भारी जलभराव की स्थिति बन गई है। हीरानगर, कालाढूंगी रोड, आनंदपुरी फेस-2 समेत अन्य निचले इलाकों में घरों और सड़कों पर पानी भर गया है। स्थानीय लोग जलभराव से परेशान हैं और सामान्य जीवन बाधित हो गया है।


प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बेहद जरूरी होने पर ही घरों से निकलें और सतर्कता बरतें। आपदा प्रबंधन टीमें अलर्ट मोड पर हैं।

नैनीताल जिले की बात करें बारिश के तेज दौर ने जन जीवन पूरी तरीके से अस्तव्यस्त कर दिया है। कल देर शाम मालवा आने से नैनीताल हल्द्वानी हाईवे बाधित हुआ। जिले में एक राज्यमार्ग समेत 12 सड़कें बन्द हैं। हल्द्वानी में रेलवे क्रासिंग से गोलापुल को जोड़ने वाला चोरगलिया मार्ग को सुरक्षा के कारणों से हवाला देते हुए आवागमन बंद कर दिया गया है। हल्द्वानी शहर से गौलापार को जोड़ने वाला ये मुख्य मार्ग देखा जाए तो लापरवाही की भेंट चढ़ गया।

पिछले साल बारिश में गौला नदी के बढ़े जलस्तर की चपेट में भूस्खलन से दरका ये मार्ग एक साल बीत जाने के बाद भी अधूरा है। बेहद सुस्त और धीमी चाल से हो रहा सुधार कार्य पूरा ना हो पाने से लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वहीं अब खतरे को देखते हुए आवागमन पर रोक लगा दी गयी है।

वहीं अपर जिलाधिकारी ने बताया लगातार हो रही तीर बारिश के मद्देनज़र सभी विभाग अलर्ट मोड पर है। बारिश और भूस्खलन से प्रभावित मार्गों को गठित टीमों द्वारा तत्परता से खोला जा रहा है जिन्हें इलाकों में बारिश के चलते बिजली बाधित हुई है उसको भी सुचारु किया जा रहा है। प्रशासन द्वारा अपील की गई है नदी और बरसाती नालों से दूर रहे। संभव हो तो पार्वतीय इलाकों में यात्रा करने से बचें। जोखिम न उठाएं।

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