ट्रांसपोर्टरों की निजी फाइनेंस कंपनियों की मनमानी के खिलाफ चेतावनी, ‘किस्त टूटने पर भी 90 दिन का नोटिस जरूरी’

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हल्द्वानी। देवभूमि ट्रांसपोर्ट महासंघ ने निजी फाइनेंस कंपनियों की दबंगई और नियमों का उल्लंघन करने के खिलाफ कड़ा विरोध प्रकट किया है। महासंघ ने कहा कि मोटर स्वामियों का जबरन उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रदेश प्रवक्ता हरजीत सिंह चड्ढा और अध्यक्ष राकेश जोशी ने आरोप लगाया कि ये कंपनियां महज एक-दो किस्त टूटने पर भी बिना नोटिस दिए वाहन जब्त कर लेती हैं, और ड्राइवरों से जबरन चाबियां छीनी जाती हैं, बाउंसर जैसी रिकवरी टीम भेजकर वसूली कराई जाती है।

महासंघ के संयोजक पंडित दया किशन शर्मा ने कहा कि खड़िया खनन बंद होने से पर्वतीय जिलों में परिवहन व्यवसाय पहले ही आर्थिक संकट में है, ऐसे में फाइनेंस कंपनियों की मनमानी से मोटर मालिक और अधिक परेशान हो रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि लोन रिकवरी के नियमों के अनुसार कम से कम 90 दिन का नोटिस देना अनिवार्य है, लेकिन निजी कंपनियां इन नियमों का उल्लंघन कर रही हैं।

हाल ही में इस मुद्दे का एक मामला मुख्यमंत्री सचिव और कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत तक भी पहुंच चुका है। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि फाइनेंस कंपनियां नियमों का पालन नहीं करती हैं, तो सड़कों पर आंदोलन किया जाएगा।

बैठक में ट्रांसपोर्टर नेताओं ललित रौतेला, बृजेश तिवारी, मोहन महतोलिया, रोहित रौतेला, नवीन मेलकानी, डी.के. शर्मा, उमेश चंद्र पांडे, किशन कोश्यारी समेत कई सदस्य मौजूद रहे।

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