हल्द्वानी में किराया बढ़ोतरी के खिलाफ व्यापार मंडल ने महापौर को सौंपा ज्ञापन
हल्द्वानी में दुकानों के किराए में लगातार हो रही 20 से 50 प्रतिशत तक की मनमानी बढ़ोतरी के खिलाफ व्यापारियों का आक्रोश अब खुलकर सामने आ गया है। सशक्त एकता उद्योग व्यापार मंडल (रजि.) उत्तराखंड ने शनिवार को अध्यक्ष तरुण वानखेड़े के नेतृत्व में नगर निगम पहुंचकर महापौर को ज्ञापन सौंपा और किराया वृद्धि पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।
व्यापार मंडल का आरोप है कि नगर निगम और निजी दुकानों के कई मालिक बिना किसी स्पष्ट नियम के हर छह महीने या एक वर्ष में भारी किराया बढ़ा रहे हैं। विरोध करने वाले दुकानदारों को दुकान खाली कराने की धमकी देकर मानसिक और आर्थिक रूप से परेशान किया जा रहा है।
संगठन महामंत्री भुवन भट्ट ने कहा कि महंगाई, ऑनलाइन व्यापार की बढ़ती प्रतिस्पर्धा और लगातार बढ़ रहे व्यावसायिक खर्चों के बीच किराए की बेतहाशा वृद्धि छोटे और मध्यम व्यापारियों के लिए बड़ा संकट बन चुकी है। कई व्यापारी वर्षों पुराना कारोबार बंद करने की स्थिति में पहुंच गए हैं, जिसका असर स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार पर भी पड़ रहा है।
प्रदेश महिला अध्यक्ष ज्योति अवस्थी ने कहा कि हल्द्वानी की सैकड़ों महिलाएं छोटी दुकानों, ब्यूटी पार्लर और बुटीक के माध्यम से अपने परिवार का पालन-पोषण कर रही हैं। किराए में 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी ने सबसे अधिक महिला उद्यमियों को प्रभावित किया है और कई प्रतिष्ठान बंद होने की कगार पर हैं।
महिला प्रदेश प्रभारी सीमा बत्रा ने महापौर से महिलाओं के हित में हस्तक्षेप करने की अपील करते हुए किराया निर्धारण समिति में महिला प्रतिनिधित्व अनिवार्य करने की मांग उठाई।
व्यापार मंडल की प्रमुख मांगें
दुकानों के किराए में मनमानी वृद्धि पर तत्काल रोक लगाई जाए।
वार्षिक किराया वृद्धि की अधिकतम सीमा निर्धारित की जाए।
व्यापारियों के उत्पीड़न की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो।
नगर निगम, व्यापारी प्रतिनिधियों और महिला प्रतिनिधियों की संयुक्त पारदर्शी समिति गठित की जाए।
सभी दुकानों के रेंट एग्रीमेंट अनिवार्य कर उनका नगर निगम में पंजीकरण कराया जाए।
प्रदेश प्रवक्ता संजय त्यागी ने चेतावनी दी कि यदि जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो व्यापारी वर्ग आंदोलन के लिए मजबूर होगा। उन्होंने कहा कि व्यापारी हमेशा शहर के विकास में प्रशासन का सहयोगी रहा है, लेकिन अन्याय और उत्पीड़न किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
ज्ञापन सौंपने के दौरान कार्यालय प्रमुख तेज सिंह कार्की, प्रदेश सचिवकल्पना रावत, कार्यकारिणी सदस्य राजेश कांडपाल, कैलाश चंद्र सती सहित बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे।




