लोक निर्माण विभाग के नियमित/वर्कचार्ज कर्मचारीयों ने तल्लीताल डाँठ में उत्तराखण्ड सरकार के आदेशों के खिलाफ धरना प्रदर्शन व् सरकार के शासनादेश का होली जलाकर अपना विरोध व्यक्त किया है।
कर्मचारियों ने कहा कि वे उत्तराखंड सरकार के आदेशों के बाद पेशन के दायरे से बाहर हो गये है। जो कर्मचारी 1980 से लेकर 2025 तक कार्यस्त थे जो सेवानिवृत्त हो चुके है तथा उनके मृतक आश्रितों को सरकार द्वारा आज तक नियमित नहीं किया गया है जो कि आर्थिक संकट से जूझ रहे है। साथ ही उत्तराखंड की बीजेपी सरकार कर्मचारी विरोधी सरकार है।
कर्मचारियों का कहना है कि सरकार व विभाग द्वारा आज तक पेंशन तथा अन्य देयकों का भुगतान नहीं किया गया है जिस कारण कर्मचारी आत्महत्या करने को बाध्य है। कहा कि सरकार ने उच्च न्यायालय व सर्वोच्च न्यायालय के आदेश की अवमानना की है, जिसकी कर्मचारी घोर निंदा करतें है। कहा यदि सरकार द्वारा कर्मचारी विरोधी ये काला शासनादेश वापस नहीं लिया जाता है तो कर्मचारी व उनके परिवार आत्महत्या को बाध्य होंगे जिसकी जिम्मेदारी उत्तराखण्ड सरकार व मुख्यमंत्री की होगी।
