विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारी तेज : नैनीताल जिले में 23 अक्टूबर से EVM-VVPAT की जांच..

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हल्द्वानी/नैनीताल जिले में 23 अक्टूबर से EVM-VVPAT की जांच, 4 नवंबर तक चलेगी प्रक्रिया, 1541 बैलेट यूनिट, 2716 कंट्रोल यूनिट और 2224 VVPAT की होगी प्रथम स्तरीय जांच; मतदाता सूची पुनरीक्षण का कार्यक्रम भी तय।

हल्द्वानी/नैनीताल_ उत्तराखंड में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में नैनीताल जिले में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) और वीवीपैट (VVPAT) की प्रथम स्तरीय जांच (FLC) 23 अक्टूबर से 4 नवंबर 2026 तक की जाएगी। इस संबंध में शनिवार को हल्द्वानी तहसील परिसर स्थित एनआईसी कक्ष में उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) विवेक राय की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई।

बैठक में निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार मशीनों की जांच और मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) की तैयारियों पर चर्चा की गई। जिले में उपलब्ध 1541 बैलेट यूनिट (BU), 2716 कंट्रोल यूनिट (CU) और 2224 वीवीपैट मशीनों की जांच सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक की जाएगी।

प्रशासन के अनुसार, FLC केंद्र पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। प्रवेश के लिए फोटो पहचान पत्र अनिवार्य होगा। केंद्र में DFMD और HHMD के माध्यम से सुरक्षा जांच की जाएगी। पूरी प्रक्रिया की वेबकास्टिंग होगी, जिसकी निगरानी निर्वाचन आयोग और मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय करेंगे।

FLC हॉल में मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, कैलकुलेटर और कैमरा ले जाने पर प्रतिबंध रहेगा। केवल निर्धारित कार्यों के लिए तीन अधिकृत मोबाइल फोन की अनुमति होगी। राजनीतिक दलों को अपने अधिकृत प्रतिनिधियों का विवरण और आवश्यक पहचान संबंधी दस्तावेज निर्धारित प्रारूप में जमा कराने होंगे।

बैठक में मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण की समय-सारणी की जानकारी भी दी गई। इसके तहत मतदेय स्थलों का युक्तिकरण 2 नवंबर तक किया जाना है। प्रारूप मतदाता सूची 12 नवंबर को प्रकाशित होगी, जबकि दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि 12 नवंबर से 12 दिसंबर तक निर्धारित है। इनका निस्तारण 28 दिसंबर 2026 तक किया जाएगा और अंतिम मतदाता सूची 4 जनवरी 2027 को प्रकाशित की जाएगी।

इस अभियान में 1 जनवरी 2027 के साथ 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर 2027 की अर्हता तिथियों के लिए भी अग्रिम आवेदन प्राप्त किए जाएंगे। प्रशासन के अनुसार, किसी भी मतदेय स्थल पर 1200 से अधिक मतदाता नहीं रखे जाएंगे। मतदेय स्थलों का शत-प्रतिशत भौतिक सत्यापन कर संबंधित रिपोर्ट 19 अक्टूबर तक आयोग को भेजी जानी है।

मतदाता सूची से नाम हटाने की कार्रवाई में 2 प्रतिशत से अधिक अपमार्जन होने या किसी एक व्यक्ति की ओर से पांच से अधिक आपत्तियां दिए जाने पर निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) क्रॉस-वेरिफिकेशन करेंगे। पुनरीक्षण के दौरान निर्धारित प्रपत्रों की सूचियां भी प्रत्येक सप्ताह राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाएंगी।

बैठक में भाजपा, कांग्रेस, बहुजन समाज पार्टी, आम आदमी पार्टी और निर्दलीय प्रतिनिधियों सहित उप जिलाधिकारी मोनिका तथा सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी हंसा दत्त पांडे मौजूद रहे। अधिकारियों ने निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुरूप प्रक्रिया को समयबद्ध, पारदर्शी और व्यवस्थित ढंग से पूरा करने पर जोर दिया।

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