अब डुगडुगी बजेगी,, जनता परेशान हो, फाइलें धूल खाएं और बकाएदार ऐश करें,अब ये नहीं चलेगा – DM

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हल्द्वानी कैंप कार्यालय में शनिवार को हुई मासिक समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने अधिकारियों को साफ कर दिया“जनता परेशान हो, फाइलें धूल खाएं और बकाएदार ऐश करें,अब ये नहीं चलेगा!”

बैठक के दौरान उन्होंने राजस्व कार्यों से लेकर कानून व्यवस्था, लंबित वादों, अभियोजन, सीएम हेल्पलाइन, भू-अभिलेख डिजिटाइजेशन और अवैध शराब तक,हर मुद्दे पर कड़ा रूख दिखाया।

बकाएदारों पर डीएम की कड़क चेतावनी: “डुगडुगी बजाओ, बोर्ड लगाओ, पैसा वसूलो!”

जिलाधिकारी ने बड़े बकाएदारों पर शिकंजा कसने के निर्देश देते हुए कहा

“राजस्व वसूली में लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। बड़े बकाएदारों के नाम सार्वजनिक स्थानों पर बोर्ड से चिपकाओ, गांवों में डुगडुगी बजाओ, पूरी जनता को बताओ कि कौन सरकारी पैसा खा रहा है। किसी भी कीमत पर वसूली होनी ही चाहिए।”

अवैध शराब बेचने वालों के दिन पूरे – डीएम का सख्त फरमान

डीएम ने आबकारी विभाग को चेतावनी दी कि जिले में किसी भी हालत में अवैध शराब की बिक्री नहीं चलनी चाहिए।

शराब की दुकानों से लेकर पास के ढाबों, होटलों और पार्किंग क्षेत्रों तक सघन चेकिंग
अवैध बिक्री की शक पर तुरंत संयुक्त छापेमारी
दुकानों के बाहर भीड़ और जाम पर भी कड़े कदम

“जनपद में अवैध शराब बिकेगी तो जिम्मेदार अधिकारी सीधे जवाब देंगे।” डीएम रयाल

तहसीलों को दो टूक “जनता को चक्कर न कटवाएं, दरवाजे पर निस्तारण करें”

जिलाधिकारी ने कहा कि भूमि और विरासत से जुड़े निर्विवाद मामलों का निस्तारण गांवों में जाकर चौपाल के माध्यम से किया जाए।

पटवारियों को खतौनी पढ़ने और जनता को सही जानकारी देने के लिए गांवों में लगातार मौजूद रहने के निर्देश दिए।

सीएम हेल्पलाइन पर बोल्ड निर्देश “शिकायत आए, उसी दिन कार्रवाई और फोन बैक जरूरी”

उन्होंने कहा कि अधिकारी रोजाना सीएम हेल्पलाइन चेक करें और शिकायतकर्ता से खुद बात करके समाधान सुनिश्चित करें।

अदालतें खाली रहेंगी, फाइलें नहीं “एसडीएम-तहसीलदार रोज कोर्ट में बैठें”

लंबित राजस्व वादों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि:

पुराने केस अभियान चलाकर निपटाए जाएं, न्यायालय में नियमित बैठना अनिवार्य,
गैरजरूरी देरी पर जवाबदेही तय होगी

सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर लाभ “पेंशन और देयक देर से नहीं मिलने चाहिए”

उन्होंने कोषागार को सभी पेंशन मामलों को प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए।

बैठक में मौजूद अधिकारी

एडीएम विवेक राय, शैलेंद्र सिंह नेगी, सिटी मजिस्ट्रेट गोपाल सिंह चौहान, और सभी उपजिलाधिकारी एवं तहसीलदार बैठक में उपस्थित रहे।

कुल मिलाकर – डीएम रयाल ने साफ कर दिया कि लापरवाही की कोई जगह नहीं!

राजस्व वसूली से लेकर अवैध शराब पर सख्ती, तहसीलों की कार्यप्रणाली से लेकर जनता की शिकायतों तक हर मोर्चे पर जिलाधिकारी का रुख साफ है,

“सिस्टम चुस्त-दुरुस्त करो, जनता को राहत दो… और जो नियम तोड़े, उसे बख्शा नहीं जाएगा।”

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