नैनीताल की मॉल रोड आज से हो गई हॉर्न प्रतिबंधित(नो हॉन्किंग)रोड। मॉल रोड पर हॉर्न बजाने पर देना होगा ₹1000/= का चालान। स्थानीय निवासी इसे खतरा भी मान रहे हैं।
उत्तराखण्ड में कुमाऊं के पहाड़ों में बसे सुंदर, शांत और रमणीक छोटे से शहर नैनीताल को और भी ध्वनि प्रदूषण मुक्त बनाने के मकसाद से आज एक अगस्त से हॉर्न फ्री ज़ोन बया गया है।जिला प्रशासन की तरफ से 28 जुलाई को जारी जिलाधिकारी के आदेश से तल्लीताल डाँठ से मल्लीताल रिक्शा स्टैंड तक ‘नो हॉन्किंग’ यानी ‘हॉर्न फ्री’ ज़ोन बनाया गया है। इसका उल्लंघन करने पर चालान स्वरूप ₹1000/= का दंड भरना होगा।
पूर्व में मुख्यमंत्री के सचिव और आयुक्त दीपक रावत द्वारा जनप्रतिनिधियों और विभागों की बैठक बुलाकर इसपर चर्चा करने के पश्चात जिलाधिकारी को निर्देश जारी हुए थे। जिलाधिकारी ने समस्त संबंधित विभागों के साथ बैठक करके इसपर आदेश बनाया। आज पुलिस बल, आर.टी.ओ., नगर पालिका की गैर मौजूदगी में आदेशों का हल्का फुल्का पालन देखने को मिला।
वाहन चालकों ने काफी हद तक हॉर्न न बजाकर ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण तो रखा लेकिन भूलवश, त्रुटिवश, जरूरत पड़ने पर या मस्ती करने के मूड से इसका अनुपालन नहीं हुआ। ट्रैफिक कम होने और नए नियम का मीडिया, सोशियल मीडिया, पोस्टर और माइक रिकॉर्डिंग के माध्यम से व्यापक प्रचार प्रसार होने से मॉलरोड में चौपहिया और दोपहिया शांति पूर्वक गुजरे।
स्थानीय निवासी राजेन्द्र परगाई ने मॉलरोड को हॉर्न फ्री ज़ोन होने पर कहा कि वो लोग वाहनों के बगैर संकेत पहुंचने से टक्कर से डरे हुए हैं। रोड में चलते समय बच्चों और वृद्धों को खतरा पैदा हो गया है। उन्होंने ये भी कहा कि प्रशासन के फतवा जारी करने के बावजूद लोग हॉर्न बजा ही रहे हैं जिन्हें देखने वाला कोई नहीं है। आयुक्त दीपक रावत ने कहा कि पर्यटन नगरी को शान्त और ध्वनि मुक्त करने के लिए लोगों ने नियम का पालन कर साथ देना चाहिए।



